Breaking News

स्वदेशी जागरण मंच का रोजगार सृजक सम्मान समारोह

  • विपरीत परिस्थितियों में सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मठता से व्यवसाय करने वालों को सम्मान

रांची। शहर के अशोक नगर कार्यालय रांची में बुधवार को स्वदेशी जागरण मंच रांची जिला द्वारा अर्थ एवं रोजगार सृजक सम्मान सह दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय स्वाबलंबन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।इस समारोह में उन उद्यमियों को सम्मानित किया गया। जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने व्यवसायिक सूझबूझ एवं कर्मठता के बल पर एक सफल व्यवसाई बनने के साथ-साथ समाज में कई लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही कोरोना काल में अपने साथ काम करने वाले सहयोगी बंधुओं का भी विशेष ख्याल रखा।

समारोह में संतोष प्रसाद गुप्ता, कुमुद झा ,रवि मेहता ,कल्पना मिश्रा ,प्रमोद कुमार ,राजेश कुमार सिंह को अंग वस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर चीन के सामानों का बहिष्कार करने का अपील की गई एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए बल दिया गया। राज परिषद अध्यक्ष एडवर्ड सोरेन ने संबोधन में देश की आर्थिक सांस्कृतिक एवं सामाजिक हितों की रक्षा के लिए लोगों से अपने अंदर स्वदेशी भाव जागृत कर चाइनीज या अन्य विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया। राज्य स्वदेशी समर्थक प्रणव कुमार बब्बू ने अपील की। जिस प्रकार हमारे देशभक्त पूर्वजों ने अपनी शहादत देकर भी भारत को आजाद कराया। उसी प्रकार आज हम सभी देशवासियों का यह परम कर्तव्य है कि चाइनीज सहित सभी विदेशी वस्तुओं के स्थान पर यथा संभव स्वदेशी वस्तु का ही उपयोग करें। ताकि अपने देश का पैसा दूसरे देश यानी कि विदेशी हाथों में जाने से बचे।संयोजक आलोक कुमार सिंह ने सरकार से आग्रह किया है कि स्थानीय उत्पादों के गुणवत्ता पूर्ण उपयोगी सामानों के निर्माण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना करें।राष्ट्रीय परिषद सदस्य श्रीमती इंदू पराशर ने देश की आर्थिक आजादी के लिए स्वदेशी भाव रखने की एवं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का आह्वान किया। सहसंयोजक रंजीत सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया।

इस अवसर पर (संघर्ष वाहिनी प्रमुख) संघर्ष आलोक सिंह परमार, (प्रचार प्रमुख ) विजय कुमार दत्त पिंटू ,पंकज कुमार सिंह , बीके नारायण शैलेंद्र शर्मा जी नितेश सिंह आनंद राय ,चिल्गु उरांव, सुरेश केरकेटा अमृत टोप्पो आदि कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

Check Also

जब राजनीति विज्ञान से प्रोफ़ेसर बना जा सकता है तो +2 शिक्षक क्यों नहीं ?

🔊 Listen to this राज्य के +2 विद्यालयों में राजनीति विज्ञान शिक्षक को शामिल करने …