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झारखंड : पहली बार बिजली उपभोक्ताओं को राहत, दर में कोई बढ़ोतरी नहीं, मीटर रेंट की वसूली भी होगी बंद

  • बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
  • उपभोक्ताओं से मीटर रेंट की वसूली भी बंद।
  • डीपीएस की दरों में भी कमी।

रांची । झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। बता दें कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी को लेकर शुक्रवार को विद्युत नियामक आयोग घोषणा करने वाला था। लेकिन नियामक आयोग ने दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की। इसके अलावा कोरोना संकट काल में उपभोक्ताओं को राहत देते हुए मीटर रेंट की वसूली बंद करने, डीले पेमेंट सरचार्ज की दर में भी कमी, प्रतिमाह डेढ़ प्रतिशत से घटकर एक प्रतिशत, डिजिटल पेमेंट पर एक प्रतिशत छूट, कामर्शियल बिजली की दर में कमी, घरेलू बिजली की दरें यथावत रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा निर्धारित तिथि से पूर्व पेमेंट पर भी उपभोक्ताओं को एक प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यानि निर्धारित तिथि से पूर्व बिजली बिल के डिजिटल भुगतान पर उपभोक्ताओं को कुल दो फीसद की छूट मिलेगी।

बता दें कि इससे पहले झारखंड बिजली वितरण निगम ने टैरिफ पीटिशन आयोग के समक्ष फाइल की थी, जिसमें सिफारिश की गई थी कि विभिन्न वर्गों में 35 से 40 प्रतिशत तक दर में इजाफा किया जाए। इसके अलावा मासिक फिक्स चार्ज में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में उपभोक्ताओं ने दर में बढ़ोतरी का बड़े पैमाने पर विरोध किया था।

बिजली दर में पांच से 10 प्रतिशत तक अधिकतम बढ़ोतरी की संभावना थी। राज्य विद्युत नियामक आयोग के अधिकारी गुरुवार की देर रात तक नई बिजली दरें तय करने पर माथापच्ची करते रहे। वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं की औसत बिजली दर 6.25 रुपये प्रति यूनिट है। राज्य सरकार इसपर 2.75 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी दे रही है। उपभोक्ताओं को 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल चुकाना पड़ता है। राज्य में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 45 लाख है। इसमें विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ता हैं।

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