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कोरोना से जीतकर जिंदगी की जंग हार गए हाजी, पूर्व में हृदय का भी हुआ था ऑपरेशन

झारखंड के कद्दावर नेता व वर्तमान में हेमंत सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी कोरोना से जंग जीतने के बाद भी जिंदगी की जंग हार गए। राजधानी रांची के मेदांता अस्पताल में शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से उनके पैतृक शहर मधुपुर सहित पूरे देवघर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके समर्थकों में मायूसी है। तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

16 सितंबर को गए थे रांची : मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के मीडिया प्रभारी समीर आलम के अनुसार वे 16 सितंबर को मधुपुर से रांची के लिए रवाना हुए थे। 17 सितंबर से शुरू हुए मानसून सत्र में भी उन्होंने भाग लिया था। 24 से 26 सितंबर को तबीयत खराब होने पर उन्होंने रांची में ही अपने आवास पर जांच कराई थी, जिसमें उनकी कोविड-19 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें रांची के मेदांता में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखण्ड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखण्ड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय हाजी हुसैन अंसारी साहब जी के निधन से अत्यंत आहत हूँ। हाजी साहब ने झारखण्ड आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी। वे सरल स्वभाव वाले जन नेता थे। परमात्मा हाजी साहब की आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को दुःख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति दें।

एक दिन पूर्व उनकी कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी

हाजी के मीडिया प्रभारी ने कहा कि निधन के एक दिन पूर्व उनकी कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन शनिवार को उनका निधन हो गया। हालांकि रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। पूर्व में उनके हृदय का भी ऑपरेशन हुआ था तथा पेसमेकर लगाया गया था। उनके निधन पर सूबे के स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता ने ट्वीट कर कहा कि हाजी हुसैन अंसारी का निधन झारखंड व व्यक्तिगत रूप से उनके लिए अपूरणीय क्षति है। दुखद घटना ने दिल को झकझोर कर दिया है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजन व शुभङ्क्षचतकों को दुख सहने का साहस दे।

चार बार मंत्री रह चुके थे हाजी, कांग्रेस से की थी राजनीतिक सफर की शुरुआतहाजी हुसैन अंसारी हेमंत सोरेन सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री थे। इसके अलावा वह झारखंड के हज कमेटी के चेयरमैन भी थे। वह चार बार मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। पिछले साल 2019 के विधानसभा चुनाव में वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बने थे। वैसे तो हाजी हुसैन अंसारी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। वर्ष 1990 में वह झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हो गए। इसके बाद वर्ष 1995, 2000 और 2010 और 2019 में मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक बने और इस दौरान वह सरकार में मंत्री भी रहे। 2004 में वह विपक्ष के नेता थे। वह शिबू सोरेन के काफी करीबी थे।

कब-कब रहे मंत्री 

हाजी हुसैन अंसारी पहली बार शिबू सोरेन की मौजूदगी में 2009 में छह महीने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री बनाए गए थे। इसके बाद अर्जुन मुंडा की सरकार में दूसरी बार अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बने। फिर अगस्त 2013 में कांग्रेस के समर्थन से हेमंत सोरेन की अगुवाई में 13 महीनों वाली सरकार में मंत्री बने। इसी साल 2020 में एक बार फिर वह मंत्री बने थे।

 

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