Breaking News

अंग्रेजी की प्रोफेसर अमेरिकी कवयित्री लुईस ग्लूक को साहित्य का नोबेल

चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा के बाद अब साहित्य के क्षेत्र में किसे 2020 का नोबेल पुरस्कार मिला है, इस बात की घोषणा कर दी गई. स्वीडिश एकेडमी ने बताया कि इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी कवयित्री लुईस ग्लूक को दिया जा रहा है.

अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं लुईस ग्लूक

साल 1943 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में जन्मीं लुईस ग्लूक इस समय येल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी भाषा की प्रोफेसर हैं. लुईस को खूबसूरत आवाज में अपनी कवितायें गाने के लिए जाना जाता है. स्वीडिश एकेडमी ने नोबेल पुरस्कार की आधिकारिक घोषणा करते हुए भी इस बात का जिक्र किया. कहा कि खूबसूरत आवाज में कवितायें गाते हुए लुईस ग्लूक के व्यक्तित्व में और भी ज्यादा सार्वभौमिकता आ जाती है.

साल 1901 से मिल रहा है नोबेल

बीते वर्ष यानी साल 2019 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार ऑस्टिया मूल के लेखक पीटर हैंडका को दिया गया था. वहीं 2018 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार पौलेंड के लेखक टोकार्चुक को दिया गया था. नोबेल पुरस्कार की शुरुआत स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की पांचवी पुण्यतिथि में साल 1901 में की गई थी. इस साल फिजिक्स, केमिस्ट्री, शांति और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की गई थी.

10 दिसंबर को होगा पुरस्कार वितरण

पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है. पुरस्कार का वितरण प्रत्येक साल 10 दिसंबर को किया जाता है. ये जानना दिलचस्प है कि नोबेल पुरस्कार क्यों दिए जाते हैं. दरअसल स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने डायनामाइट का आविष्कार किया था. लेकिन युद्ध के दौरान डायनामाइट के विध्वंसकारी इस्तेमाल से अल्फ्रेड नोबेल को बड़ा धक्का लगा.

प्रायश्चित के इरादे से अल्फ्रेड नोबेल ने अपने वसीयत में नोबेल पुरस्कारों की व्यवस्था की. प्रत्येक साल चिकित्सा, फिजिक्स, केमिस्ट्री, शांति और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों को ये पुरस्कार दिया जाता है.

इन महान शख्सियतों को मिला नोबेल

अब तक महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन, लेखक जेबी शॉ, राजनेता विस्टन चर्चिल, बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा जैसी दिग्गज हस्तियों को नोबेल पुरस्कार दिया जा चुका है. भारत की तरफ से मदर टेरेसा और कैलाश सत्यार्थी को भी नोबेल पुरस्कार मिल चुका है. पाकिस्तानी नागरिक मलाला युसूफजई सबसे कम उम्र में नोबेल जीतने वाली शख्सियत हैं.

Check Also

डीआईजी की छापामारी टीम पर कोयला तस्करों ने किया हमला

🔊 Listen to this रामगढ़ के मांडू सर्किल में चल रहा कोयले का अवैध कारोबार …