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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान नहीं रहे, 74 साल की उम्र में दिल्ली में निधन

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे 74 साल के थे। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती थे। उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं। चिराग ने ट्वीट कर यह जानकारी दी. गुरुवार की शाम उन्‍होंने दिल्ली के एक अस्‍पताल में अंतिम सांस ली। राम विलास पासवान के निधन की पुष्टि एलजेपी के अध्‍यक्ष व उनके बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कर दी है। वे 74 वर्ष के थे।

रामविलास पासवान ने ही सन 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी। बीते कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। करीब एक सप्‍ताह पहले अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा था। इसके बाद आज रात उन्‍होंने आखिरी सांस ली।

माना जाता था राजनीति का मौसम वैज्ञानिक

राम विलास पासवान को राजनीति का बड़ा मौसम वैज्ञानिक माना जाता था। सरकार किसी की भी रही, राम विलास पासवान हमेशा सत्‍ता में रहे। खास बात यह रही कि उन्‍होंने हमेशा चुनाव के पहले गठबंधन किया, चुनाव के बाद कभी नहीं। आपात काल के दौरान इंदिरा गांधी से लड़ने से लेकर अगले पांच दशकों तक पासवान कई बार कांग्रेस के साथ, तो कभी खिलाफ चुनाव लड़ते और जीतते रहे।

आधी सदी का राजनीतिक जीवन, बनाया जीत का वर्ल्‍ड रिकार्ड

करीब आधी सदी के अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्‍होंने 11 चुनाव लड़े, जिनमें नौ में उनकी जीत हुई। पासवान के पास छ‍ह प्रधानमंत्रियों के साथ उनकी सरकार में मंत्री रहने रिकॉर्ड है। पासवान ने 1977 के लोकसभा चुनाव में हाजीपुर सीट से जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़जे हुए चार लाख से ज्यादा वोटों से जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद 2014 तक उन्होंने आठ बार लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की। वर्तमान में वे राज्यसभा के सदस्य तथा नरेंद्र मोदी सरकार में उपभोक्‍ता मामलों तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री थे।

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