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कांग्रेस ने कांटा घर में जड़ा ताला, 48 घंटे से बंद है सिरका कोलियरी

दंगल की लड़ाई में आजसू और कांग्रेस के बीच तीन वार्ता हो चुकी है फेल

सीसीएल प्रबंधन में लोकल सेल से झाड़ा पल्ला, कहा मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट

रामगढ़। जिले के सिरका कोलियरी में दंगल की लड़ाई को लेकर एक बार फिर कांग्रेस ने कांटा घर में ताला जड़ दिया है। पिछले 48 घंटे से कोलियरी पूरी तरीके से ठप है। यहां सीसीएल का उत्पादन तो हो रहा है लेकिन डिस्पैच पूरी तरीके से बंद हो गया है। गाड़ियों का कांटा नहीं होने के कारण सैकड़ों गाड़ियां कोलियरी के अंदर ही फंसी रह गई है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस के नेता समसूद खान ने बताया कि 17 जनवरी को भी जब कोलियरी बंद कराया गया थाlतब मजदूरों की मांग को लेकर जल्द ही आवश्यक फैसला सुनाने की बात कही गई थी। इसके बाद लोकल सेल समिति और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। लोकल सेल समिति स्थानीय मजदूरों को न्याय देने के लिए तैयार नहीं है। जब तक मांगे पूरी नहीं होती है, कोलियरी में काम नहीं होने दिया जाएगाl
सिरका कोलियरी में आंदोलन के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने बताया कि लोकल सेल के माध्यम से कोयले का उठाव किया जा रहा है। हर ट्रक से 6800 की वसूली की जा रही है लेकिन मजदूरों को मात्र ₹2400 का भुगतान किया जा रहा है। बीच की राशि का बंदर बांट सेल संचालन समिति द्वारा किया जा रहा है। इससे पूर्व में एक करोड रुपए के घोटाला दंगल समिति कर चुकी है। पिछले एक महीने में 12 लाख रुपए का बंदर बांट हो चुका है।

लोकल सेल के दंगल की लड़ाई में सबसे अधिक नुकसान सीसीएल को उठाना पड़ रहा है। पिछले 48 घंटे से डिस्पैच बंद होने के कारण ई वे बिल और चालान नहीं बन पा रहे हैं। इसके अलावा जो कोयला ट्रैकों में लोड है उससे भी कोयला ट्रांसपोर्टर और मालिकों को भारी नुकसान हो रहा है। सीसीएल प्रबंधन ने कोलियरी बंद रहने की सूचना मुख्यालय को दे दी है।
सीसीएल अरगड्डा प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार झा ने कहा कि दंगल की कोई जानकारी उन्हें नहीं है। किसी भी तरह का दंगल सिरका सेल में नहीं चल रहा है। हैंड लोडिंग पूरी तरह से बंद है। डीजीएमएस के आदेश के अनुसार मशीन से लोडिंग होती है। सीसीएल मुख्यालय और राज्य सरकार को नुकसान हो रहा है। पूरे मामले की जानकारी रामगढ़ जिला प्रशासन ,पुलिस और सीसीएल के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही समाधान निकल जाएगा।
इससे पूर्व कांग्रेसी नेताओं और विस्थापितों द्वारा 17 जनवरी को सिरका कोलियरी बंद कराया गया था। उस दौरान भी मामला तनावपूर्ण हो गया था। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए । इस पूरे मामले को लेकर एसडीओ कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच में बैठक कर तीन बार वार्ता हुई थी। लेकिन वार्ता में कोई हल नहीं निकाला। इसके बाद दोबारा कांग्रेस नेता और कुछ विस्थापित अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

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