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जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर लोगों को हक दिलाएंगे : रामेश्वर उरांव

  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी द्वारा जारी धरोहर श्रृंखला की अठारहवीं वीडियो

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह खाद्य आपूर्ति एवं वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम, मंत्री बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डा राजेश गुप्ता छोटू, प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षं आदित्य विक्रम जयसवाल सहित कांग्रेस के वरीष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, विधायकों , सांसदों ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी द्वारा जारी धरोहर श्रृंखला की अठारहवीं वीडियो सोशल मीडिया फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम व्हाट्सएप पर अपलोड कर देश के वर्तमान पीढ़ियों को अवगत कराने का काम किया। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव ने आज राष्ट्र निर्माण की अपने महान विरासत कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की अठारहवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक एवं ट्विटर पर जारी पोस्ट को शेयर करने के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर देश को आजादी दिलायी, अब केंद्र की जनविरोधी नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर और जनसहयोग से भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को सत्ता से बेदखल कर आमजन को राहत दिलाने का काम करेगी।

आजादी के आंदोलन में ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता का वह काला दिन

डा रामेश्वर उराँव ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 आजादी के आंदोलन में ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता का वह काला दिन जिसने मानवता को शर्मसार किया। 9 अप्रैल को राम नवमी का दिन था और उस दिन निकले मार्च में हिंदू-मुस्लिम एकता को देखकर ब्रिटिश हुकूमत और जनरल डायर बौखला गए। उसी दिन महात्मा गांधी को पंजाब में घुसने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। सैफुद्दीन किचलू और डॉ सत्यपाल को ब्रिटिश हुकूमत ने बिना कारण गिरफ्तार कर लिया। इस सब के विरोध में 10 अप्रैल को हजारों लोगों ने सिविल लाइंस तक मार्च निकाला और पुलिस गोलीबारी में कई लोग मारे भी गए। लेकिन अब जीने मरने का प्रश्न भारत माता की आजादी के आगे बहुत छोटा हो गया था। 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग में रौलेट कानून और गिरफ्तारियों के विरोध में एक शांतिपूर्ण सभा का आयोजन किया गया था। हजारों लोगों की मौजूदगी में सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था तभी जनरल डायर अपने सैनिकों के साथ वहां पहुंचकर बाघ को चारों तरफ से घेर लेता है। फायर की एक आवाज पर सैकड़ों दन दनादन गोलियां सभा में मौजूद महिला ,पुरुष, बच्चों के सीने को छलनी कर देती है। चारों तरफ कोहराम मच गया। देखते ही देखते बाग में मौजूद कुआं लाश से भर जाता है। चारों तरफ से खून से लथपथ और गोलियों से छलनी शरीर ही नजर आ रहे थे। पूरे मैदान की जमीन खून से लाल हो गई थी। यह मानवता पर ब्रिटिश हुकूमत का घिनौना प्रहार था।

1922 में काले कानून को निरस्त कर दिया गया

कांग्रेस सहित पूरे देश में जनरल डायर के अमानवीय कृत्य से आक्रोश पैदा हुआ जिसे ब्रिटिश हुकूमत झेल नहीं पाई। लिहाजा 1922 में काले कानून को निरस्त कर दिया गया। इस काले कानून का रद्द होना बताता है कि भारत जब भी एकजुट हुआ है तब बड़े से बड़े तानाशाह झुके हैं और वो कानून वापस हुए हैं। लेकिन हमें याद रखना होगा कि इसके लिए हमारे पूर्वजों ने अपना लहू बहाया। जाति धर्म का भेद भूलकर अंग्रेजों को देश से बाहर खदेड़ा। हमारे पूर्वजों के बलिदान को हमें जाया नहीं होने देना है और एकता के बल पर आजादी की रक्षा करनी है।

देशवासियों ने जो एकजुटता प्रदर्शित की उसे दुनिया ने देखा

कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कांग्रेस की धरोहर अठारहवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप,इंस्टाग्राम पर जारी करते हुए कहा कि जालियांवाला बाग हत्याकांड ब्रिटिश शासन के अंत की शुरुआत बनी। आजादी की लड़ाई में भारतीयों के जान न्योछावर करने के एक से बढ़कर एक उदाहरण हैं लेकिन जालियांवाला बाग की घटना कई मामलों में अलहदा है। घटना का ब्यौरा सुनकर आज भी हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह एक अंग्रेज जनरल के क्रूरता की हद पार कर जाने की दास्तां है तो भारतीयों में आजादी की छटपटाहट का भी अफसाना है, लेकिन इस घटना के बाद देशवासियों ने जो एकजुटता प्रदर्शित की उसे दुनिया ने देखा।

भारत माता के दीवानों ने ब्रिटिश हुकूमत की नींद उड़ा दी

झारखंड सरकार में कांग्रेस के मंत्री बादल पत्रलेख एवं बन्ना गुप्ता ने धरोहर वीडियो को जारी करते हुए कहा 13 अप्रैल 1919 का वह दिन जब अमृतसर के जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए हजारों भारतीय जमा हुए थे। सभा चल रही थी और अंग्रेज फौज एकमात्र संकरे रास्ते से अंदर दाखिल हुई। जिसका नेतृत्व जनरल डायर कर रहे थे, इसके पहले कि लोग समझ पाते,संभल पाते ब्रिटिश फौजियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी ,दीवारें ऊंची होने के कारण भागने का कोई रास्ता नहीं था सैकड़ों महिलाएं अपने बच्चों के साथ मरने को विवश थी।जालियांवाला घटना के उपरान्त भारत माता के दीवानों ने ब्रिटिश हुकूमत की नींद उड़ा दी।

महान सपूतों को इस वीडियो के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करती है

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से धरोहर वीडियो की अठारहवीं वीडियो को झारखंड की जनता के नाम समर्पित करते हुए कहा है कि जालियांवाला बाग में प्रदर्शनकारी, आजादी के दीवाने रौलेट एक्ट का विरोध कर रहे थे।जालियांवाला बाग वह स्थल है जहां विश्व की सबसे बड़ी अमानवीय घटना घटी थी।देश की आजादी के इतिहास में 13 अप्रैल 1919 आज से 101 साल पहले एक शांतिपूर्ण सभा के माध्यम से रौलट एक्ट का विरोध कर रहे भारतीयों के ऊपर अंग्रेजी हुकूमत की बर्बरता का उदाहरण था जिसे आज भी देश की जनता भूल नहीं सकती है। लेकिन उसके बाद पूरा विश्वास ने काले कानून के खिलाफ जंग छेड़ दिया और अंततः बैठक सोमवार को काला कानून वापस लेना पड़ा । कांग्रेस पार्टी अपने उन महान सपूतों को इस वीडियो के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निरंजन पासवान, सुखेर भगत, चैतू उराँव,अमरेन्द्र कुमार सिंह, सन्नी टोप्पो,बेलस तिर्की, फिरोज रिजवी मुन्ना,देवजीत देवघरिया, सोनी नायक, जितेन्द्र त्रिवेदी, विनीता पाठक,विभय शाहदेव, सहित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विधायक ,सांसद, मंत्रियों ने धरोहर वीडियो को अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के समक्ष प्रेषित किया है जो काफी ट्रेंड कर रहा है।

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