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सरकार का नौवीं अनुसूची में शामिल प्रस्ताव त्रुटि पूर्ण,न्यायालय में हो सकता है समीक्षा

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 2020 में ही पिछड़ों का आरक्षण को बढ़ाने को लेकर भेजी थी अनुशंसा

तमिलनाडु के तर्ज पर 36 से 50 प्रतिशत करने की थी अनुशंसा: राजेन्द्र प्रसाद

रांचीlझारखंड सरकार द्वारा राज्य में एक बार फिर ओबीसी का आरक्षण 14 से बढ़कर 27% करने की कवायद शुरू के जाने पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य राजेंद्र प्रसाद सवाल खड़ा किया हैlकहा यह मामला फिर से न्यायालय में फंसेगा राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि तमिलनाडु के मामले में न्यायालय का यह मानना है कि आबादी के अनुसार आरक्षण मिल सकता हैl लेकिन आबादी से ज्यादा आरक्षण देना असंवैधानिक होगा । झारखण्ड सरकार का प्रस्ताव है कि ओबीसी को 27% एसटी को 28%और एससी को 12% आरक्षण देने का प्रस्ताव है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि आबादी से ज्यादा आरक्षण हो नहीं सकता है । झारखण्ड में अनुसूचित जनजाति की आबादी जनगणना के अनुसार 26.3 प्रतिशत है। चुकी नौवी अनुसूची में शामिल कराने को लेकर ओबीसी, एससी-एसटी तीनों का एक साथ प्रस्ताव सरकार भेज रही है। ऐसे में मामला न्यायालय में जाएगा और न्यायालय इसकी समीक्षा करेगा तब ओबीसी आरक्षण लटकाना तय है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य राजेन्द्र प्रसाद ने कहा
नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के बजाय सरकार तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार ने ओबीसी की आरक्षण को बढ़ाने को लेकर ओबीसी की सर्वेक्षण कराने को लेकर निर्देश दिया था और कार्मिक विभाग ने सभी जिला को ओबीसी का सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट मांगी थी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि लेकिन वर्तमान सरकार ने ओबीसी आरक्षण को बढ़ाने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। 11 नवंबर 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने राज्य में आरक्षण का दायरा बढ़ा कर 77 प्रतिशत करने का विधेयक पारित किया था इसमें ओबीसी को 27 एसटी को 28 और एक को 12% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था। विधेयक को नौवीं अनुसूची में शामिल कराने का अनुशंसा करते हुए राजभवन भेजा गया था लेकिन राज्यपाल ने यह कहते हुए विधायक को लौटा दिया था कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अनुशंसा नहीं है। इस पर राज्य सरकार का यह कहना कि उसे समय आयोग में अध्यक्ष सदस्य नहीं थे। इस पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के फोर्मर मेंबर राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पिछड़ों का आरक्षण बढ़ाने को लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 7. 9. 2020 को ही पिछड़ा को तमिलनाडु के तर्ज पर 36 से 50% आरक्षण देने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेज दी थी।
राजेन्द्र प्रसाद ने सरकार को सलाह दी है कि यदि सचमुच में पिछड़ों को आरक्षण को बढ़ाना चाहती है तो पिछड़ों की आबादी के अनुसार जो राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अनुशंसा 7.9 .2020 को भेजी गई है उसी के आधार पर ओबीसी को कम से कम 36% और यदि सरकार चाहे तो 50% तक आरक्षण देने के लिए नौवीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रस्ताव अलग से भेजे या अपने स्तर से सर्वेक्षण रिपोर्ट मंगा कर सरकार से खुद से आरक्षण दे।

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