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विमान हादसा में 14 की माैत, 138 घायल

माेदी ने केरल के सीएम से की बात

एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्लेन की शुक्रवार शाम केरल के कोझीकोड में क्रैश लैंडिंग हो गई। भारी बारिश के दौरान कारीपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर यह हादसा शाम 7:41 बजे हुआ। प्लेन दुबई से लौट रहा था। रनवे से ओवरशूट होने के बाद प्लेन 35 फीट गहरी खाई में गिरकर दो टुकड़ों में बंट गया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मल्लापुरम के एसपी ने बताया कि हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक पायलट, तीन महिलाएं और एक पुरुष यात्री शामिल है। 170 लोगों को बचा लिया गया है। वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया की यह फ्लाइट IX-1344 दुबई से लौट रही थी। इसमें कुल 191 लोग सवार थे। इनमें 128 पुरुष, 46 महिलाएं, 10 बच्चे और 5 क्रू मेंबर्स थे। कम से कम 40 यात्री घायल हैं। हादसे में जान गंवाने वाले पायलट का नाम विंग कमांडर दीपक वसंत साठे बताया जा रहा है। वे पहले एयरफोर्स में थे।

हादसा कैसे हुआ

बाेइंग 737 प्लेन की रनवे पर क्रैश लैंडिंग हुई। शहर में तेज बारिश हो रही थी। डीजीसीए के मुताबिक, ‘विजिबिलिटी 2000 मीटर थी। रनवे नंबर 10 पर फिसलते हुए प्लेन आगे की ओर गया और खाई में गिर गया।’ हादसे की जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो डराने वाली हैं। प्लेन का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है। शुक्र है कि हादसे के बाद प्लेन में तुरंत आग नहीं लगी।
क्या पायलट ने विमान को बचाने की कोशिश की थी? मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि खराब मौसम की वजह से प्लेन ने लैंडिंग से पहले आसमान में चक्कर लगाए। यानी वह एक बार में ही रनवे पर नहीं उतरा। पायलट ने विमान को बचाने की पूरी कोशिश की।

जहां हादसा हुआ, वह एयरपोर्ट कैसा है?

कारीपुर एक टेबलटॉप एयरपोर्ट है। टेबलटॉप यानी ऐसा एयरपोर्ट, जो पहाड़ी इलाके में बना है और जहां रनवे का एक सिरा या दोनों सिरे ढलान पर होते हैं। ऐसे एयरपोर्ट पर खराब मौसम के दौरान हादसे का खतरा रहता है। ऐसे एयरपोर्ट पर जब बारिश के दौरान लैंडिंग होती है तो रनवे पर जमा पानी और पहले लैंड हो चुके विमानों के टायर के रबर डिपॉजिट्स की वजह से प्लेन के रनवे से फिसल जाने का खतरा रहता है। इसे एक्वाप्लेनिंग भी कहते हैं। पिछले साल डीजीसीए ने कोझीकोड एयरपोर्ट की सेफ्टी से जुड़ी चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा था कि यहां रनवे पर बहुत ज्यादा रबर डिपॉजिट रहता है। इससे4444 फ्रिक्शन कम हो जाता है और भारी बारिश होने पर यहां अनसेफ लैंडिंग का खतरा बना रहता है।

10 साल पहले मैंगलोर में ऐसा ही हादसा हुआ था

मई 2010 में मैंगलोर एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही हादसा हुआ था। इस हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। तब भी प्लेन एयर इंडिया एक्सप्रेस का था और दुबई से ही लौट रहा था। मैंगलोर में भी टेबल टॉप एयरपोर्ट है। कोझीकोड का यह एयरपोर्ट एक टेबल टॉप एयरपोर्ट है। इसका मतलब है कि यह एयरपोर्ट एक पहाड़ी के ऊपर है।

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