Breaking News

झारखंड में गठबंधन सरकार बनने के बाद कांग्रेस हो रही तेजी से मजबूत

  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में लगातार चल रहे कार्यक्रम
  • झारखंड में कांग्रेस का ट्रैक्टर रैली के बाद रामगढ़ का स्मृति उत्सव कार्यक्रम सफल
  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से कार्यकर्ताओं में दिख रहा उत्साह

रांची। झारखंड कांग्रेस का कायाकल्प डॉ रामेश्वर उरांव के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद हुई है। डॉ रामेश्वर उरांव के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद विधानसभा चुनाव में काफी अच्छी सफलता मिली है। कांग्रेस सरकार में शामिल होने के बाद राज्य में मजबूत होते दिखने लगी है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव के कार्यक्रमों से कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने लगा है। हालांकि कांग्रेस में गुटबाजी अब भी कम होती नजर नहीं आ रही है। इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष डॉ उरांव की कार्यप्रणाली और कार्यक्रम कार्यकर्ताओं को सोचने पर मजबूर करने लगे हैं।

झारखंड में डॉ रामेश्वर उरांव ने सरकार बनने के बाद कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना आरंभ किया है। प्रदेश कांग्रेस ने झारखंड में पिछले महीनों विभिन्न प्रमंडलों में ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया। खासकर उत्तरी छोटानागपुर के हजारीबाग में कांग्रेस का ट्रैक्टर रैली को काफी सफल बताया गया। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने भी हजारीबाग के कार्यक्रम की सराहना की थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस पेट्रोलियम पदार्थ के महंगाई को लेकर लगातार आंदोलन की। जिला और प्रखंड स्तर पर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिससे कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धीरे-धीरे ही लेकिन उत्साह संचार होता नजर आने लगा है।

नेताओं को सोचना होगा कार्यकर्ताओं के लिए

झारखंड में कांग्रेस पार्टी धीरे धीरे सक्रिय होती नजर आ रही है। लेकिन जब तक पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता मजबूत नहीं होंगे। तब तक पार्टी मजबूत होगी, यह कहना बिल्कुल गलत होगा। कांग्रेस के मंत्री एवं वरिष्ठ नेताओं को जमीन पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए भी कुछ कर गुजर ना होगा। यदि भविष्य में कांग्रेस को अपना जमीन बनाना है तो नेताओं को कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना होगा। फिलहाल अभी झारखंड में भी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होते ही दिख रही है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव और मंत्री बादल पत्रलेख कार्यकर्ताओं के बीच जाते दिख रहे हैं। सभी कार्यकर्ताओं को देख और और पूछ रहे हैं। जिसके कारण इन नेताओं को कार्यकर्ताओं का पसंद भी माना जा रहा है। कांग्रेस कोटा के अन्य दो मंत्रियों को भी कार्यकर्ताओं के बीच जाना होगा। कांग्रेस कोटा के चारों मंत्री जब कार्यकर्ताओं के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। तब जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता आम लोगों की समस्याओं का आसानी से समाधान कर पाएंगे।

फिलवक्त तो झारखंड में पदस्थापित कई ऐसे अधिकारी हैं जो जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनते हैं। ऐसे अधिकारी कार्यकर्ताओं की कितनी सुनेंगे। यह भी एक परेशानी का कारण है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग है कि उन्हें भी तरजीह मिले। ऐसे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव को और सक्रिय होना पड़ेगा। ऐसे पदाधिकारियों पर लगाम लगाना होगा जो आम लोगों को परेशान करते हैं। ऐसे पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई करनी होगी जो लंबे समय से ही की जिला में पदस्थापित हैं। झारखंड में कांग्रेस को अपनी खोई जमीन को हासिल करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव को और मजबूत करना होगा।

रामगढ़ में आयोजित स्मृति उत्सव का वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने किया स्वागत

रामगढ़ में 1940 में हुए कांग्रेस के 53 वें अधिवेशन की याद में रामगढ़ में झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने 20 मार्च को एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम स्मृति उत्सव का आयोजन किया। इस कार्यक्रम से पूरे प्रदेश में कांग्रेस के प्रति लोगों के बीच एक अच्छा संदेश गया। यहां उपस्थित कांग्रेसी मंत्रियों एवं नेताओं ने कांग्रेस के नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस के युवा विधायकों ने जोरदार भाषण दिया। झारखंड में कांग्रेस को अगर और मजबूती प्रदान करना है तो युवाओं को आगे लाना होगा। यह बात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव समझते हुए आगे बढ़ रहे हैं। रामगढ़ में संपन्न हुए कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से लोग शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में बाहर से आए लोगों को सम्मान मिला। विधायक ममता देवी द्वारा सभी के लिए खाने की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ऐसे कार्यक्रमों को लगातार करने की बात कही।

इस कार्यक्रम से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में एक विश्वास उत्पन्न हुआ है। अगर प्रदेश में डॉ रामेश्वर उरांव इस प्रकार के कार्यक्रम करते रहेंगे तो आने वाले दिनों में इसका अच्छा परिणाम देखने को मिलेगा। पार्टी नेतृत्व को भी इस बात पर ध्यान देना होगा कि झारखंड में किस प्रकार का काम हो रहा है। दिल्ली में बैठे कांग्रेस के नेताओं को कानफुकुओ से सावधान रहना पड़ेगा। ऐसे नेताओं को जो लगातार प्रदेश के मंत्रियों और पदाधिकारियों की शिकायत करते हैं। उनको किनारे करना होगा।

Check Also

पतरातू में मतदाता जागरूकता अभियान

🔊 Listen to this पतरातू(रामगढ़)। आगामी लोकसभा निर्वाचन में नागरिकों द्वारा शत प्रतिशत मतदान करने …