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कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन कर जुलूस निकालने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: कांग्रेस

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डा राजेश गुप्ता छोटू ने कोरोना संक्रमण पर अंकुश को लेकर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन कर रामनवमी जुलूस निकालने की मांग करने या इस तरह की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जोर-जबर्दस्ती करने वालों नेताओं को अविलंब गिरफ्तार किये जाने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि रामनवमी जुलूस के नाम पर क्षुद्र राजनीति करने वाले भाजपा नेता पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जाकर यह पूछे कि कोविड-19 प्रोटोकॉल को लेकर केंद्र सरकार की ओर से इस तरह का दिशा-निर्देश क्यों जारी किया गया है और पर्व-त्योहार में भीड़ से बचने की सलाह क्यों दी जा रही है। उन्होंने कहा कि साल भर से ताली और थाली पिटने वाले भाजपा नेता न्यायालय के शरण में जाने की बात कर रहे हैं। उनके लिए लोगों की जान से ज्यादा जरूरी जुलूस निकालना हो गया है,ऐसे नेताओं के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई किये जाने की जरूरत है।धर्म के नाम पर राजनीति करने की छुट किसी को नहीं दी जा सकती है।कल भी लोगों ने देखा किस प्रकार भाजपा के पूर्व मंत्री सत्यानन्द झा बाटुल ने होली के मौके पर अश्लीलता की एवं भीड़ इकट्ठा कर कोरोना गाइडलाइन का खुल्मखुल्ला उल्लंघन किया है।आलोक दूबे ने कहा कि पठन पाठन को लेकर भाजपा नेताओं ने कभी भी चिंता नहीं दिखाई,इनकी घटिया राजनीति को झारखंड की जनता अच्छी तरह से जान चुकी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सरहुल, रामनवमी और ईस्टर समेत अन्य धार्मिक त्योहारों को सादगी से मनाने को लेकर पहले ही दिशा निर्देश जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद आदेश का उल्लंघन कर रामनवमी जुलूस निकालने की मांग करने वाले नेताओं के खिलाफ तत्काल कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।पिछले चौदह महीने से स्कूल कालेज सब बंद हैं। जिसे लेकर सरकार की चिंता है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि जिस तरह से हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण के मामलों के बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो रही है। वैसी स्थिति में फिलहाल किसी भी तरह की अतिरिक्त छूट देना हितकर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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