Breaking News

मणिपुर में आज एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

 कांग्रेस ने जारी किया व्हिप

पूर्वोत्तर की राजनीति के लिए सोमवार का दिन बेहद ही अहम है। मणिपुर की विधानसभा में आज विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है। यह फ्लोर टेस्ट ही भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन सरकार के भाग्य का फैसला करेगा। विपक्षी कांग्रेस द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लेकर आने के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बीते शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया था।

लंबे समय से सियासी खींचतान

दरअसल, मणिपुर में लंबे समय से सियासी खींचतान चल रही है। भाजपा गठबंधन वाली सरकार के कुछ मंत्री और विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। इस घटना से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सोमवार की रणनीति पर चर्चा करने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष बैठक शामिल नहीं हुए थे।
विधानसभा में विश्वास मत पर वोटिंग के लिए कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया है। व्हिप में सभी सदस्यों से सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। भाजपा के मुख्य सचेतक और मंत्री टी. बिस्वजीत सिंह ने भी पार्टी विधायकों को सत्र में भाग लेने और विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एस टिकेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सरकार 30 से ज्यादा सदस्यों का समर्थन हासिल करके विश्वास मत जीतेगी। हालांकि सदन में गठबंधन सरकार के पास सिर्फ 29 सदस्यों का संख्याबल है। कांग्रेस ने 28 जुलाई को भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।

कांग्रेस के पास फिलहाल 24 विधायक

60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा की मौजूदा संख्या स्पीकर समेत 53 है। चार विधायकों को दल बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया है। जबकि तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के पास फिलहाल 24 विधायक हैं, जबकि सत्ताधारी भाजपा गठबंधन के पास 29 विधायक हैं। भाजपा के पास 18 विधायक हैं। वहीं एनपीपी के पास चार, एनपीएफ के चार और एक-एक विधायक टीएमसी लोक जनशक्ति पार्टी के हैं। इसके अलवा एक निर्दलीय विधायक है>

Check Also

महात्मा फूले जी ने शिक्षा की ताकत से समाज मे लाई क्रांति : दीपक गुप्ता

🔊 Listen to this जिला कांग्रेस कार्यालय में ओबीसी ने मनाई महात्मा फुले की 197 …