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रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी क्रांति का शंखनाद, 101 अस्त्र बनाएगा हिन्दुस्तान

नयी दिल्ली । चीन से जारी तनातनी के बीच भारत ने बड़ा कदम उठाया है। अभियान के तहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए 101 उपकरणों के आयात पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। ये उपकरण भारत खुद बनाएगा यानी देसी हथियार से अब भारत अपने दुश्मनों को सबक सिखाएगा। 12 मई 2020 को देश के प्रधानमंत्री  ने आत्मनिर्भर भारत बनने की बात कहते हुए कहा था कि ये भव्य इमारत, पांच पिलर्स पर खड़ी होगी। पहला पिलर Economy, दूसरा पिलर Infrastructure, तीसरा पिलर System, चौथा पिलर हमारी Demography और पांचवा पिलर Demand है।

फैसला आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 101 हथियारों और सैन्य उपकरणों के आयात पर 2024 तक के लिए रोक लगाने की घोषणा की। इन उपकरणों में हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, मालवाहक विमान, पारंपरिक पनडुब्बियां और क्रूज मिसाइल शामिल हैं। सिंह ने ट्विटर पर इसकी घोषणा करते हुए अनुमान लगाया कि इन निर्णय से अगले पांच से सात साल में घरेलू रक्षा उद्योग को करीब चार लाख करोड़ रुपये के ठेके मिलेंगे। ये फैसला आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत हुआ है।

सूची में मिसाइलें, जहाज, रॉकेट लांचर शामिल

अधिकारियों के अनुसार, 101 वस्तुओं की सूची में टोएड आर्टिलरी बंदूकें, कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें, अपतटीय गश्ती जहाज, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली, अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत, फ्लोटिंग डॉक, पनडुब्बी रोधी रॉकेट लांचर और कम दूरी के समुद्री टोही विमान शामिल हैं। सूची में बुनियादी प्रशिक्षण विमान, हल्के रॉकेट लांचर, मल्टी बैरल रॉकेट लांचर, मिसाइल डेस्ट्रॉयर, जहाजों के लिये सोनार प्रणाली, रॉकेट, दृश्यता की सीमा से परे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें अस्त्र-एमके 1, हल्की मशीन गन व आर्टिलरी गोला-बारूद (155 एमएम) और जहाजों पर लगने वाली मध्यम श्रेणी की बंदूकें भी शामिल हैं।

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