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संक्रमितों जलाए जाने के बाद डीएमसी ने किया शमशान सेनिटाईजेशन

  • नगर आयुक्त ने घाट का निरीक्षण दिए कई निर्देश
  • विद्युत शवदाह गृह व लकड़ी शवदाह गृह के लिए शुल्क दर तय

देवघर । कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इससे निपटने के लिए देवघर नगर निगम (डीएमसी) गंभीर हो गया है। स्थानीय शिवगंगा घाट के समीप स्थित शमशान घाट पर संक्रमितों का शव जलाने की घटना के बाद शनिवार को डीएमसी की ओर से शमशान घाट को सेनिटाईज कराए जाने काम किया गया। सेनिटाईज करने वाले कर्मी पीपीई कीट पहनकर शमशान घाट पहुंचे थे। जबकि नगर आयुक्त मास्क व फेश कवर शमशान घाट पहुंचे थे।

संक्रमित मृतकों का अंतिम संस्कार ससमय किए जाने को लेकर नगर आयुक्त सह प्रशासक शैलेंद्र कुमार लाल ने चार पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा है। साथ ही उन्होंने शमशान घाट का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिया। अंतिम संस्कार को ले जिन पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है उनमें नगर प्रबंधक सतीश कुमार दास को नोडल पदाधिकारी, कर संग्रहक राजेश श्रृंगारी को वरीय पदाधिकारी, मनीष भारद्वाज को प्रभारी पदाधिकारी तथा वार्ड जमेदार बुद्धिनाथ मिश्र को रसीद काटने के लिए सहायक का प्रभार सौंपा है।

नगर आयुक्त ने शमशान घाट निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्युत शवदाह गृह का निरीक्षण कर उसे चालू करने को लेकर दर भी निर्धारित कर दिया है। तय दर के अनुसार विद्युत शवदाह गृह में जलाने पर प्रति मृतक 1 हजार तथा लकड़ी शवदाह गृह में जलाने पर 1 सौ रुपया प्रति मृतक की दर से राशि प्राप्त कर रसिद निर्गत करने का आदेश दिया है। इस बाबत नगर आयुक्त की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि विशेष परिस्थिति व लावारिश शव की स्थिति में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नगर प्रबंधक मृणाल कुमार, मनीष भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी व कर्मी शामिल थे।

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