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हम दुश्मनों को जवाब देना बखूबी जानते हैं – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

नयी दिल्ली : स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में धूमधाम नहीं होगी क्योंकि घातक कोरोना वायरस ने सभी गतिविधियों को बाधित किया है. उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के कारण सामने आयी चुनौतियों का सरकार की ओर से प्रभावी ढंग से जवाब देने का अलौकिक प्रयास किया गया है.अपने संदेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोरोना योद्धाओं की प्रशंसा करते हुए कहा, वे जीवन बचाने और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने के अपने कर्तव्य को निभाने में बहुत आगे निकल गए हैं.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि महात्मा गांधी आजादी की लड़ाई में हमारे नेता और मार्गदर्शक थे. वे एक राजनेता के रूप में संत थे. वह एक ऐसी शख्सीयत थे जो सिर्फ भारत में ही हो सकते थे.

युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि 15 अगस्त हमें तिरंगा फहराने के उत्साह से भरता है. इस समारोह में भाग लेना है और देशभक्ति गीत सुनना है हमें गौरव से भरता है. देश के युवाओं को स्वतंत्र राष्ट्र के नागरिक होने का विशेष गौरव महसूस करना चाहिए. राष्ट्रपति ने अपने संदेश में नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सीमा गतिरोध के बीच चीन को परोक्ष संदेश देते हुए शुक्रवार को कड़े शब्दों में कहा कि भारत की आस्था शांति में है लेकिन किसी भी आक्रामक प्रयास का वह मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है. 74वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में चीन का नाम लिए बिना कहा, ‘‘आज जब विश्व समुदाय के समक्ष आई सबसे बड़ी चुनौती(कोविड-19) से एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है, तब हमारे पड़ोसी ने अपनी विस्तारवादी गतिविधियों को चालाकी से अंजाम देने का दुस्साहस किया.”

पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कोविंद ने कहा कि उनके शौर्य ने यह दिखा दिया है कि हमारी आस्था शांति में होने पर भी, कोई अशांति उत्पन्न करने की कोशिश करेगा तो उसे माकूल जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा करते हुए, हमारे बहादुर जवानों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए. भारत माता के वे सपूत, राष्ट्र गौरव के लिए ही जिए और उसी के लिए मर मिटे. पूरा देश गलवान घाटी के शहीदों को नमन करता है.

 

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