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मुख्यमंत्री ने कहा- संथाल, गिरिडीह, बोकारो, गढ़वा एरिया में सुधरेगी बिजली व्यवस्था

 छह ग्रिड सब स्टेशन का किया ऑनलाइन उद्घाटन

कोरोना से भी जंग लड़नी है और व्यवस्था भी चलानी है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करीब 616 करोड़ रुपए की लागत से छह ग्रिड सब स्टेशन का मंगलवार को ऑनलाइन उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली लाइन शुरू हो जाने के बाद इसका सीधा फायदा संथाल परगना, गिरिडीह एवं बोकारो एरिया को मिलेगा। ये लाइन सीधे तौर पर 11 केवी से जुड़ेंगे और स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।

बोकारो, जसीडीह एवं गिरिडीह एरिया डबल सर्किट लाइन से जुड़ जाएगा

गिरिडीह ग्रिड शुरू हो जाने के बाद गिरिडीह, जसीडीह, सरिया गावा को फायदा होगा। जसीडीह-गिरिडीह 220 केवी का सर्किट लाइन शुरू हो जाने के बाद बोकारो, जसीडीह एवं गिरिडीह एरिया डबल सर्किट लाइन से जुड़ जाएगा। दुमका-जसीडीह ग्रिड लाइन से शुरू हो जाने से पूरे दुमका एवं संथाल परगना क्षेत्र को फायदा होगा। साहेबगंज-राजमहल लाइन भी निर्माणाधीन है। संथाल में बिहार के बिहार शरीफ से लाइन ट्रांसमिट करके बिजली आपूर्ति की जाती है। वहीं 220/132 केवी ग्रिड सब स्टेशन, गढ़वा ट्रांसमिशन लाइन एवं 220 केवी डालटनगंज-गढ़वा ट्रांसमिशन लाइन से तेनुघाट-बिहार ट्रांसमिशन लाइन पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।

‘केंद्र के निर्देश से लोग भूखे मर जाते, राज्य सरकार ने रखा ध्यान’

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसी स्थिति में जो जहां था वहीं रह गया. लोग भूख से ना मरे इसके लिए राज्य सरकार ने हर संभव प्रयास किया. हजारों की संख्या में प्रखंड और पंचायत में भोजन कराने की व्यवस्था की गई. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य में ऐसी स्थिति में भूख से एक भी मौत नहीं हुई, जबकि झारखंड की गिनती पिछड़े राज्यों में होती है. उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में लगा कि संक्रमण कम हो रहा, लेकिन धीरे-धीरे जांच का दायरा बढ़ाने से संक्रमितों की संख्या में इजाफा हुआ. उन्होंने कहा कि इससे सरकार हतोत्साहित नहीं है

‘सरकार हर चुनौती का सामना करने को है तैयार’
सीएम ने कहा कि हर आपदा के लिए सरकार तैयार है. उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना एक चुनौती है, लोग भूख से ना मरे अभी भी चुनौती है. संक्रमण के इस दौर में बहुत संभलते हुए सरकार आगे बढ़ रही है. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस दौरान हो रही मौतों से झारखंड सरकार मर्माहत है. झारखंड की स्थिति अभी भी अन्य राज्यों की तुलना में ठीक है. ऐसी स्थिति में राज्य के अलग-अलग इलाकों में पावर ग्रिड का उद्घाटन होना अपने आप में एक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को और जल्द पूरा करना चाह रहे थे, लेकिन एक साथ कितने फ्रंट पर सरकार लड़ सकती थी. उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि उन्हें अपने घर में काम कराने के लिए भी लेबर नहीं मिल रहे हैं.

उद्घाटन से होगा इन इलाकों को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पावर सब स्टेशन ट्रांसमिशन लाइन के उद्घाटन से गढ़वा, पलामू, दुमका, देवघर, गोड्डा, गिरिडीह जिला में बिजली की स्थिति काफी सुधरेगी. उन्होंने कहा कि गढ़वा की स्थिति यह थी कि उस इलाके के लोग बिजली के लिए पूरी तरह से उत्तर प्रदेश और बिहार पर निर्भर थे.

पलामू प्रमंडल में दोबारा उनकी सरकार में मिली बिजली
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि यह अपने आप में एक उपलब्धि है कि पलामू प्रमंडल में उनकी तत्कालीन सरकार ने ही हटिया ग्रिड से बिजली पहुंचाई थी. अब दोबारा उस प्रमंडल में सब स्टेशन से बिजली जा रही है. उन्होंने कहा कि देवघर के लिए यह प्रोजेक्ट और भी लाभदायक होगा, क्योंकि वहां एयरपोर्ट शुरू होने वाला है और एम्स का निर्माण हो रहा है. वहीं, गिरिडीह समेत डीवीसी के कमांड एरिया के संबंध में उन्होंने कहा कि डीवीसी एक व्यापारिक संस्था है और वह मॉडल के तहत अपना कंजूमर उन्हीं लोगों को बनाती है जिनके पास सारे संसाधन मौजूद हैं.

सस्ते दर पर देंगे बिजली
उन्होंने कहा कि सरकार उन इलाकों में डीवीसी से 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीद कर ग्रामीण इलाकों को दी जा रही थी. इस सब स्टेशन प्रोजेक्ट की शुरूआत के बाद अब वही बिजली 3 रुपए प्रति यूनिट की दर से दी जाएगी और न केवल आम लोगों को बल्कि औद्योगिक संस्थाओं को भी दी जाएगी.

616 करोड़ के बजट से छह पावर सब स्टेशन का उद्घाटन
दरअसल, मंगलवार को राज्य सरकार ने 616 करोड़ के बजट से छह पावर सब स्टेशन का उद्घाटन किया. इस मौके पर राज्य सरकार में मंत्री रामेश्वर उरांव, सत्यानंद भोक्ता, आलमगीर आलम, चंपई सोरेन, बादल पत्रलेख समेत विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और सरफराज अहमद भी मौजूद रहे.

इन योजनाओं का हुआ उदघाटन, इन क्षेत्रों का होगा फायदा
220/132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन ट्रांसमिशन लाइन, जसीडीह
ग्रिड की क्षमता- 400 एमवीए
लंबाई- 75 किमी
लागत- 137 करोड़
लाभान्वित होने वाले क्षेत्र- जसीडीह, मधुपुर, वैद्वनाथपुर, देवीपुर, घोरमारा, शर्मा व आसपास के क्षेत्र।

220/132/33 केवी जसीडीह-ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन
ग्रिड की क्षमता- 400 एमवीए
लंबाई- 77 किमी
लागत- 146.50 करोड़
लाभान्वित होने वाले क्षेत्र- संपूर्ण गिरिडीह

132/33 केवी ग्रिड-सबस्टेशन सरिया ट्रांसमिशन लाइन
क्षमता- 100 एमवीए
लंबाई- 23 किमी
लागत- 72.50 करोड़
लाभान्वित होने वाले क्षेत्र- सरिया प्रखंड व आसपास के क्षेत्र।

132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन, जमुआ
क्षमता- 100 केवी
लंबाई- 23 किमी
लागत- 75 करोड़
लाभान्वित होने वाले क्षेत्र- जमुआ प्रखंड एवं आसपास के क्षेत्र

220 केवी डबल सर्किट गोड्‌डा-दुमका ट्रांसमिशन लाइन
ग्रिड की क्षमता- 300 एमवीए
लंबाई- 71 किमी
लागत- 57 करोड़
लाभान्वित होने वाले क्षेत्र- संपूर्ण गोड्‌डा

220/132 केवी ग्रिड सब स्टेशन, डालटनगंज-गढ़वा ट्रांसमिशन लाइन
क्षमता- 300 एमवीए
लंबाई- 55 किमी
लागत- 123 करोड़
लाभान्वित होने वाले क्षेत्र- संपूर्ण गढ़वा जिला

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