Breaking News

कोरोना के ईलाज में निजी अस्पतालों की लूट पर भाजपा ने जताई चिंता

  • मनमानी पर सरकारी हस्तक्षेप की माँग
  • लंबे समय से अस्पतालों की मनमानी की खबरें सुर्खियों में, लेकिन राज्य सरकार कुम्भकर्णी निंद्रा में सोई है
  • कोरोना आपदा में लाभ का अवसर तलाश रहें निज़ी अस्पताल,चिकित्सा शुल्क तय करे सरकार : कुणाल षाड़ंगी

रांची। कोरोना संक्रमित मरीजों के ईलाज और चिकित्सकीय परीक्षण में राज्य के प्राइवेट अस्पतालों में मची लूट पर भारतीय जनता पार्टी ने चिंता ज़ाहिर किया है। शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने इस विषय को संवेदनशील बताते हुए इसमें फ़ौरन सरकारी हस्तक्षेप की माँग की है। राजधानी राँची सहित अन्य जिलों के डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीज़ों का भारी आर्थित दोहन की जा रही है। पीपीई किट, मास्क, कमरें, नर्सिंग शुक्ल सहित अन्य सुविधाओं के नाम पर मनमाने शुल्क वसूले जा रहे हैं। उदाहरणार्थ कई अस्पताल एक मरीज़ से 24 घँटों के ईलाज के नाम पर 58 हज़ार रुपये तक वसूल रहे हैं। निज़ी अस्पताल प्रबंधनों के इस कृत्य को भारतीय जनता पार्टी ने अमानवीय और घोर चिंता का कारक बताया है।

व्यवस्था में अविलंब सुधार की माँग

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता और पूर्व विधायक रहें कुणाल षाड़ंगी ने इस मामले पर राज्य सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए व्यवस्था में अविलंब सुधार की माँग की है। उन्होंने इस आशय में कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि कोरोना आपदा में लाभ का अवसर कमाना अमानवीय आचरण है। कहा कि लंबे समय से अस्पतालों की मनमानी मीडिया की सुर्खियों में है। किंतु राज्य सरकार कुम्भकर्णी निंद्रा में है। सरकार उदासीनता पर भी भाजपा ने सवाल खड़े करते हुए अविलंब पहल सुनिश्चित करने की माँग की है। पूर्व विधायक सह प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी न इस मामले में झारखंड सरकार को निगरानी कमिटी और औचक छापेमारी के लिए उड़न दस्ता गठित करने का आग्रह किया है।ताकि मनमानी शुल्क वसूली पर अंकुश संभव हो। उन्होंने कहा कि संक्रमित मरीजों के प्रति सहानुभूति जरूरी है ना कि आपदा को अवसर में बदला जाये। भारतीय जनता पार्टी ने माँग किया कि अविलंब मनमानी को रोकने की दिशा में झारखंड सरकार अत्यावश्यक पहल सुनिश्चित करते हुए अन्य राज्यों की तर्ज़ पर चिकित्सकीय शुल्क निर्धारित करने को प्रासंगिक बताया है। ताकि मुनाफाखोरी पर नियंत्रण और अंकुश संभव हो।

शासकीय अस्पतालों के संसाधन दुरुस्त करने की ज़रूरत

भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि निज़ी अस्पतालों की मनमानी रोकने के साथ ही शासकीय अस्पतालों के संसाधन दुरुस्त करने की ज़रूरत है। वहीं अविलंब कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए राज्य सरकार के स्तर से शुल्क निर्धारित कर अस्पतालों को पाबंद किया जाये तथा इसकी निगरानी के लिए कमिटी भी गठित हो ताकि संक्रमित मरीजों के परिजनों पर वित्तीय बोझ ना पड़े। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कोरोना के इलाज को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है। राज्य सरकार इसको धरातल पर सही से कार्यान्वयन कराए ताकि आर्थिक रूप से कमज़ोर संक्रमित मरीज़ों को राहत मिले।

Check Also

महात्मा फूले जी ने शिक्षा की ताकत से समाज मे लाई क्रांति : दीपक गुप्ता

🔊 Listen to this जिला कांग्रेस कार्यालय में ओबीसी ने मनाई महात्मा फुले की 197 …