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डॉ. हर्षवर्धन बोले, सब ठीक रहा तो साल के आखिर तक हासिल कर लेंगे कोरोना वैक्सीन

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो भारत इस साल के आखिर तक कोरोना वैक्सीन हासिल कर लेगा। कोरोना वैक्सीन से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने ये बात कही।

दिल्ली के नजदीक गाजियबाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 10 बिस्तरों के अस्थायी अस्पताल का उद्घाटन करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत ने आठ जनवरी से ही कोविड-19 से निपटने की रणनीति बनाने की शुरुआत कर दी थी जब दुनिया को इस महामारी की जानकारी मिली थी।

उन्होंने कहा कि देश में तीन संस्थान इस दिशा में काम कर रहे हैं। इनमें एक संस्थान का ट्रायल पहले चरण में जबकि दूसरे का दूसरे चरण में हैं। जबकि तीसरा संस्थान तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में है।

भारत दुनिया से बेहतर स्थिति में

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत दुनिया से बेहतर स्थिति में है। देश में कोरोना के मरीज अब तेजी से ठीक हो रहे हैं और हमारा राष्ट्रीय रिकवरी रेट 75 फीसदी के करीब पहुंच चुका है, जबकि मृत्यु दर पूरे विश्व में सबसे कम 1.87 फीसदी है।

उन्होंने कहा कि कई बुद्धिमान लोगों, वैज्ञानिकों और नकारात्मक सोच वाले लोगों का आकलन था कि 135 करोड़ आबादी वाले भारत में जुलाई-अगस्त तक 30 करोड़ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित होंगे और 50 से 60 लाख लोगों की मौत हो जाएगी और देश की स्वास्थ्य प्रणाली इस महमारी से निपटने में अक्षम है।

ठीक होने की दर सबसे बेहतर 75 प्रतिशत

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि हालांकि, मुझे खुशी है कि आठ महीने की लड़ाई के बाद भारत में ठीक होने की दर सबसे बेहतर 75 प्रतिशत है और 30 करोड़ लोगों के संक्रमित होने के अनुमान के विपरीत संक्रमितों की संख्या 30 लाख तक भी नहीं पहुंची है।

उन्होंने कहा कि तथ्य यह है कि 22 लाख मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं और अन्य सात लाख भी जल्द स्वस्थ्य हो जाएंगे। मंत्री ने कहा कि यह सफलता समन्वित प्रयासों के साथ सभी (सरकार और लोगों) की साझेदारी से मिली है।

मौतों की दर 1.87 प्रतिशत है जो दुनिया में सबसे कम

उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 से होने वाली मौतों की दर 1.87 प्रतिशत है जो दुनिया में सबसे कम है। मंत्री ने कहा कि इसमें रोजाना सुधार हो रहा है। आज भारत में कोविड-19 जांच के लिए 1,511 प्रयोगशालाएं हैं और शुक्रवार को हमने करीब 10 लाख से ज्यादा नमूनों, करीब 10.23 लाख नमूनों की जांच की।

उन्होंने कहा कि इतने कम समय में पूरे देश में कोविड-19 मरीजों को समर्पित 15 हजार अस्पतालों में 15 लाख बिस्तरों की व्यवस्था की गई और अगर इसमें पृथकवास सुविधा को भी जोड़ दिया जाए तो कुल बिस्तरों की संख्या 25 लाख है।

डॉ. हर्षवर्धन ने एनडीआरएफ को आपदा प्रबंधन के साथ-साथ कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भी योगदान के लिए बधाई दी।

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