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रघुवंश की नाराजगी पर तेजप्रताप ने कहा, राजद समुद्र है, एक लोटा पानी चला भी जाएगा तो फर्क नहीं पड़ेगा

राजद में कभी रघुवंश प्रसाद सिंह की गिनती लालू यादव के बाद दूसरे सबसे बड़े नेता के रूप में होती थी। लालू यादव भी रघुवंश प्रसाद की बात नहीं काटते थे। चारा घोटाला केस में सजा पाने के बाद से लालू यादव रांची में हैं और पार्टी उनके बेटे चला रहे हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि अब राजद में रघुवंश की तुलना एक लोटा पानी से हो रही है।

लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने सोमवार को रघुवंश प्रसाद की नाराजगी पर कहा कि यह हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है। राजद समुद्र की तरह है। समुद्र से एक लोटा पानी चला भी जाता है तो वह खाली नहीं हो जाता। राजद एक परिवार की तरह है। परिवार में लोग नाराज होते हैं और मान भी जाते हैं।

तेजप्रताप ने कहा कि कौन नाराज है और कौन नहीं, यह हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है। हम बिहार की जनता के लिए चिंतित हैं। बिहार की जनता आज किस मुसीबत से गुजर रही है यह हमारे लिए मुद्दा है। बाढ़ और कोरोना के चलते जनता त्राहिमाम है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुर्सी से चिपके हुए हैं। जनता बेहाल है और नीतीश कुमार सोये हुए हैं। आखिर उनकी नींद क्यों नहीं खुल रही है? वह जनता की सुध लेने क्यों नहीं जा रहे हैं?

तेजस्वी के मनाने पर भी नहीं माने रघुवंश प्रसाद, उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस नहीं लेंगे

पूर्व सांसद रामा सिंह को राजद में शामिल किए जाने की चर्चा से नाराज चल रहे राजद के कद्दावर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह अपने फैसले पर अडिग हैं। वह उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस नहीं लेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव करीब आते ही राजद नेतृत्व ने अपने पुराने नेता को मनाने की कोशिश की, लेकिन यह कोशिश नाकाम हो गई है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस संबंध में रघुवंश से मुलाकात की थी। इसके बाद भी रघुवंश ने अपना फैसला न बदलने की बात कही। रघुवंश ने कहा कि अभी तो मैं अस्पताल में हूं। मैंने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस नहीं लिया है। अभी इस संबंध में कोई फैसला नहीं किया है। अस्पताल से छुट्टी मिलती है तो मीडिया को इस संबंध में विस्तार से जानकारी दूंगा।

रामा सिंह के राजद में शामिल किए जाने की चर्चा से नाराज हैं रघुवंश
रघुवंश प्रसाद की गिनती लालू यादव के सबसे करीबी और राजद के दूसरे नंबर के नेता के रूप में होती थी। चारा घोटाला मामले में सजा होने के बाद से लालू रांची में हैं। पार्टी का नेतृत्व अब उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव के हाथ में है।

रामा सिंह और रघुवंश सिंह दोनों वैशाली जिले के हैं। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता किसी से छिपी नहीं है। रामा सिंह ने वैशाली से लोकसभा चुनाव 2014 लोजपा से टिकट पर लड़ा था। इस दौरान उन्होंने राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह को शिकस्त दी थी। इसके बाद 2019 के चुनाव के दौरान पार्टी ने उनकी जगह वीणा देवी की टिकट दे दिया। तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि आने वाले दिनों में रामा सिंह लोजपा को अलविदा कहने के बाद कोई बड़ी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं।

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