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चतरा- पैसे लेकर थाने से गांजा तस्करों को छोड़ने मामले में डीजीपी ने लिया संज्ञान

  • सिमरिया थाना प्रभारी शिव प्रकाश द्वारा पैसे लेकर थाने से गांजा तस्करों को छोड़ने मामले में डीजीपी ने लिया संज्ञान
  • डीजीपी ने चतरा एसपी को दिया जांच कर दोषी थाना प्रभारी पर करवाई का निर्देश। हालांकि पूर्व में ही चतरा एसपी ले चुके हैं इस मामले की संज्ञान
  • टंडवा एसडीपीओ आशुतोष सत्यम को मिली है जांच की जिम्मेवारी

चतरा : जिले के सिमरिया थाने से पैसे लेकर दो तस्करों को छोड़े जाने के मामले में डीजीपी ने संज्ञान लिया है. मामले में डीजीपी एमवी राव ने एसपी को ट्वीट कर जांच के उपरांत दोषी थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है. सिमरिया थाना प्रभारी शिव प्रकाश कुमार पर गांजा तस्करों से साठगांठ और पैसे लेने का गंभीर आरोप लगे हैं. एसपी ने टंडवा एसडीपीओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है. दरअसल, दो दिन पूर्व सिमरिया थाना प्रभारी ने 600 ग्राम गांजा के साथ चतरा-सिमरिया मुख्यपथ पर स्थित देल्हो घाटी से मारुति वैन में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार लोगों में एक रिटायर्ड सीसीएलकर्मी समेत तीन अन्य लोग शामिल थे, जो सदर थाना क्षेत्र के हफुआ इलाके में अवैध रूप से गांजा खरीदकर टंडवा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव जा रहे थे. इस दौरान रास्ते में उन्हें पुलिस ने दबोच लिया. लेकिन थाना ले जाने के बाद रिटायर्ड सीसीएल कर्मी और एक अन्य गिरफ्तार तस्कर को तस्करी में इस्तेमाल गाड़ी के साथ थाना से ही छोड़ दिया गया. जबकि तीसरे को इस आरोप में जेल भेज दिया गया कि वह गांजा तस्करी के गोरखधंधे में संलिप्त है और गांजा खरीदकर अपने होटल में पुड़िया बनाकर खरीद-बिक्री का धंधा करता है.

बनाया गया फर्जी केस

इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिमरिया पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह बताया गया है कि गिरफ्तार तस्कर एक कार में लिफ्ट मांगकर सिमरिया की तरफ जा रहा था. इसी दौरान उसे वाहन चेकिंग अभियान चलाकर गिरफ्तार किया गया है, इन सब के बीच बड़ा सवाल ये है कि जिस गाड़ी में तस्कर के लिफ्ट लेने की बात बताई गई है, उस गाड़ी का मालिक उसी गांव का रहने वाला है, जहां का गिरफ्तार तस्कर है. ऐसे में गाड़ी मालिक उस स्थान पर पहुंचा कैसे, ये ना सिर्फ जांच का विषय है बल्कि सिमरिया थाना प्रभारी के गलत मंशा को भी दर्शाता है. क्योंकि जेल भेजे गए युवक के परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की है कि चेकिंग अभियान के दौरान पकड़े गए तीनों व्यक्ति एक साथ टंडवा से हफुआ गए थे और वहां से गांजा खरीदकर वापस लौट रहे थे. इतना ही नहीं जिस होटल में पुड़िया बनाकर गांजा बेचे जाने की बात कही गई है. वह होटल भी थाना से छोड़े गए सीसीएल कर्मी का ही है.

परिजनों ने थाना प्रभारी पर पैसे लेकर रिटायर्ड सीसीएलकर्मी समेत दो को तस्करी में प्रयोग हुई गाड़ी समेत थाने से छोड़ने का आरोप लगाया है. आरोप यह है कि इस पूरे मामले में हजारीबाग जिले में पदस्थापित एक पुलिस पदाधिकारी ने एक स्थानीय व्यक्ति के सहयोग से मामले में मध्यस्थता की थी. जिसके बाद थाना प्रभारी ने पैसे लेकर दोनों को छोड़ दिया था.

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