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जब राजनीति विज्ञान से प्रोफ़ेसर बना जा सकता है तो +2 शिक्षक क्यों नहीं ?

राज्य के +2 विद्यालयों में राजनीति विज्ञान शिक्षक को शामिल करने की उठ रही है माँग

लेखक : बिपिन कुमार (बड़कागांव)

राज्य के सरकारी + 2 स्कूलों में राजनीति विज्ञान के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है।राज्य की स्थापना के बाद 2012 और 2016 में +2 विद्यालयों में हिन्दी,अंग्रेजी,संस्कृत, भूगोल ,अर्थशास्त्र व विभिन्न पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति हुई पर राजनीति विज्ञान की शिक्षकों की नियुक्ति के आवेदन नहीं मांगे गये। जबकि +2 स्कूलों में राजनीति विज्ञान विषय को पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफ़ी है,पर राजनीति विज्ञान का शिक्षक नहीं है।जब राजनीति विज्ञान से प्रोफ़ेसर बना जा सकता है तो +2 शिक्षक क्यों नहीं।यह बातें पॉलिटिकल साइंस स्कैनर के लेखक बिपिन कुमार ने कहा। आगे कहा कि 2020 में हाईकोर्ट के आदेश पर नियुक्त समिति ने राजनीति विज्ञान,समाजशास्त्र व उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति में शामिल करने की सिफारिश भी की है पर इस मामले पर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। एक सप्ताह पूर्व अखबारों में प्रकाशित + 2 शिक्षकों से सम्बधित आगामी वैकेंसी की ख़बर में राजनीति विज्ञान के अलावा समाजशास्त्र व उर्दू विषय को शामिल नहीं किया हैं।इससे शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों में नाराजगी है।लेखक ने आगामी वैकेंसी में राजनीति विज्ञान,समाजशास्त्र व उर्दू के शिक्षकों की नियुक्ति की माँग की है।

 

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