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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुनावी काैशल की होगी अग्निपरीक्षा, भाजपा के लिए कुछ पाने का माैका

  • जीत और हार दोनों का श्रेय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ही मिलेगा

बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही झारखंड विधानसभा की दो सीटों दुमका तथा बेरमो पर उपचुनाव कराया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया। इसके बाद झारखड में सत्ताधारी झामुमो गठबंधन और प्रतिपक्ष भाजपा के बीच चुनावी तैयारी तेज होनी तय है। यह उप चुनाव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के चुनावी काैशल की परीक्षा भी लेगा। क्योंकि उन्हीं के नेतृत्व में सत्ताधारी झामुमो गठबंधन के उम्मीदवार दोनों सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। जीत और हार दोनों का श्रेय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ही मिलेगा। दूसरी तरफ प्रतिपक्ष भाजपा के लिए भी यह माैका है। वह एक भी सीट जीत गई तो उसका मनोबल बढ़ेगा।

भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि बिहार चुनाव तथा झारखंड की दो सीटों सहित कई सीटों पर उपचुनाव टाला नहीं जाएगा। इसलिए बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही रिक्त सभी 65 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा शीघ्र कर दी जाएगी। इन सीटों पर 29 नवंबर तक चुनाव कार्य पूरा कर लिया जाएगा। आयोग ने इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के चुनावी फीडबैक की समीक्षा की। बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका और बरहेट से चुनाव लड़ा था तथा जीते थे। बाद में दुमका सीट छोड़ दी थी। वहीं, कांग्रेस विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह के निधन से बेरमो सीट रिक्त हो गई।

विपक्षी भाजपा के लिए खोने के लिए कुछ नहीं है

दुमका और बेरमो विधानसभा उपचुनाव में झारखंड में विपक्षी भाजपा के लिए खोने के लिए कुछ नहीं है। दोनों सीटें सत्ताधारी झामुमो गठबंधन की हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रतिष्ठा दांव पर है। उन्होंने ने ही दुमका सीट खाली की है। अगर झामुमो दुमका सीट हार गई तो मुख्यमंत्री की किरकिरी होगी। दो में से भाजपा एक भी सीट जीत गई तो झारखंड की राजनीति में उसका मनोबल हाई होगा। विधानभा चुनाव-2019 में सत्ता खोने के बाद से भाजपा झारखंड में हतोत्साहित है।

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