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झामुमो ने मांगा 20 लाख करोड़ का हिसाब, कहा- पैकेज के बाद बेरोजगारी, महंगाई क्यों बढ़ रही

  • 14 करोड़ लोगों के रोजगार क्यों समाप्त हो गये

झामुमो ने 116 दिन बाद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संकट काल में देश के विभिन्न सेक्टरों को दिये गये 20 लाख करोड़ का हिसाब मांगा है। पूछा है कि इतने बड़े पैकेज के बाद आज जीडीपी 24 फीसदी नीचे क्यों चला गया। 14 करोड़ लोगों के रोजगार क्यों समाप्त हो गये। फल, सब्जी से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि क्यों हो रही है। 40 रुपए प्याज और 50 रुपए किलो आलू क्यों बिकने लगा है। पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य शनिवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

झारखंड में किस उद्योग को कितना लोन दिया गया

भट्टाचार्य ने बताया कि 12 मई को प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के पैकेज की जब घोषणा की थी तो देश की जनता के चेहरे पर मुस्कान आ गया था। उसने मान लिया था कि अब उनकी समृद्धि कोई रोक ही नहीं सकता। फिर लोक फॉर वोकल के साथ साथ पीएम ने जिन पांच विषयों पर भाषण दिया था, उससे भी जनता में विश्वास का भाव पैदा हुआ था। लेकिन आज हुआ क्या। आवश्यक वस्तु अधिनियम समाप्त किये जाने के बाद आलू-प्याज, फल और खाद्यान्न की कीमतें बढ़ रही है। चारो ओर बदहाली है। अब केंद्र सरकार को उस पैकेज से हुए लाभ का आंकड़ा पेश करना चाहिए। बताना चाहिए कि बिना शर्त सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को कितना ऋण मिला। झारखंड में किस उद्योग को कितना लोन दिया गया। किस सेक्टर को क्या लाभ हुआ।

दुमका से बाबूलाल लड़ें तो मजा ही आ जाएगा
बाबूलाल मरांडी के सवाल पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कई टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी आज किस दल में हैं, यह भी पता नहीं। वह भाजपा में हैं या झाविमो में। पार्टी बदल कर उन्होंने राजधनवार की जनता के साथ विश्वासघात किया है। अगर वह दुमका से चुनाव लड़ें तो वहां की जनता उन्हें सबक ही सीखा दे। मजा ही आ जाये।

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