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रघुवर दास का हेमंत सरकार पर हमला, बोले- सरकार बदलते ही झारखंड में बढ़ गया धर्मांतरण

रांची।  झारखंड में धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषय पर परस्पर राजनीतिक विचारधाराओं का टकराव कोई नई बात नहीं है। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के एक ट्वीट ने एक बार फिर इस बहस को छेड़ दिया है। रघुवर दास ने अपने ट्वीट में राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए उसपर आदिवासी संस्कृति को नष्ट करने का आरोप लगाया है। अपने ट्वीट में रघुवर दास ने लिखा है कि झारखंड में धर्म परिवर्तन जोरों पर है।

भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों की संस्कृति नष्ट करने का काम शुरू हो गया है

हमारी सरकार ने धर्मांतरण पर रोक का कानून बनाया और कड़ाई से लागू कराया। इस कारण भय, जबरन, लोभ-लालच में होने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लग गई थी। सरकार बदलते ही फिर से हमारे भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों की संस्कृति नष्ट करने का काम शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री की पोस्ट पर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। रघुवर दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियाे भी पोस्‍ट किया है। इसमें एक ईसाई पास्टर आदिवासी युवती से कह रहे हैं कि जिसने भी उसका अनादर किया, झूठ बोला है, उसे माफ कर दे।

इसमें धर्मांतरण कराने वाला पादरी बताया जा रहा है। वह एक युवती का धर्म परिवर्तन करा रहा है। इस दौरान युवती रो रही है। बता दें कि रघुवर दास ने भाजपा सरकार के दौरान मुख्‍यमंत्री रहते धर्म स्वतंत्र कानून लागू कराया था। उन्‍होंने उस दौरान कहा था कि धर्मांतरण से जनजातीय समाज को लाभ नहीं मिला है। जनजातीय समाज आज भी गरीब है, लेकिन कुछ एनजीओ और चर्च इससे जरूर मालामाल हुए हैं।

रघुवर दास ने उस दौरान आम जनता से जबरन धर्मांतरण की कहीं भी शिकायत मिलने पर सरकार को तत्काल सूचना देने को कहा था। उल्‍लेखनीय है कि रघुवर दास सरकार के दौरान धर्म स्वतंत्र बिल लागू होने के बाद कुछ स्थानों पर जबरन धर्मांतरण के खिलाफ जनजातीय समुदाय के लोग उठ खड़े हुए थे। इसके उलट झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बिल का विरोध करते हुए राष्‍ट्रपति भवन पहुंच गई थी। तब के नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि भाजपा घृणा फैलाकर समाज को बांटना चाहती है।

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