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हजारीबाग:एचएमसीएच में मरीजों के नाम पर हर रोज जलता है 150-200 लीटर डीजल

बावजूद इसके अस्पताल का रीढ़ माना जाने वाला ट्रामा सेंटर का इमरजेंसी वार्ड में मोबाइल टॉर्च लाइट से होता है इलाज

सदर विधायक मीडिया प्रतिनिधि के शिकायत पर डीसी ने लिया संज्ञान कहा दोषियों पर जल्द की जायेगी कड़ी कारवाई

अस्पताल प्रबंधन यथासीघ्र व्यवस्था में करें सुधार, अन्यथा जनता का गुस्सा पड़ेगा भारी: मनीष जायसवाल

हजारीबाग।मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हर रोज मरीजों के नाम पर करीब डेढ़ सौ से 200 लीटर डीजल जलता है। ताकि मरीजों का समुचित इलाज रोशनी की चकाचौंध में हो सके। लेकिन अस्पताल का रीढ़ माना जाने वाला ट्रामा सेंटर के आपातकालीन वार्ड में लगातार बिजली कटौती की समस्या के कारण मरीजों का इलाज मोबाइल टॉर्च की रोशनी के सहारे स्वस्थकर्मियों को करना पड़ता है। गुरुवार की देर शाम को कटकमसांडी प्रखंड के आराभुसाई पंचायत के ग्राम महूंगाई निवासी सागर कुमार यादव (22 साल) को बज्रपात का झटका मारने के कारण यहां उनके परिजन लेकर आए और इसकी सूचना हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल को दी। विधायक मनीष जायसवाल ने त्वरित संज्ञान लेते हुए अपने मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को मरीज के बेहतर इलाज में सहयोग के लिए अस्पताल भेजा। लेकिन यहां ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड में मरीज के पहुंचने पर यहां अंधेरा छाया था। मरीज को तत्काल चिकित्सक द्वारा ईसीजी कराने की सलाह दी गई। जिसके बाद मरीज के परिजनों ने मोबाइल टॉर्च लाइट जलाया तब जाकर स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज का ईसीजी और ट्रीमेंट किया। यहां कई अन्य मरीज भी उपस्थित थे जिनका इलाज मोबाइल टॉर्च की रोशनी के सहारे ही हुआ। मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में दो बड़े डीजी जनरेटर लगे हुए हैं, करीब 50 लाख रुपए की लागत से यहां सोलर प्लांट लगाया गया है और प्रतिदिन मरीज के बेहतर इलाज और रोशनी उपलब्ध कराने के लिए 150- 200 लीटर डीजल का खपत होता है। बावजूद इसके अस्पताल के अति संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थल ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड जहां जीने मरने की स्थिति में ही मरीज पहुंचते हैं उनका इलाज मोबाइल टॉर्च लाइट के जरिए किया जाना उनके जिंदगी से खिलवाड़ किया जाना जैसा ही प्रतीत होता है। विधायक मनीष जायसवाल ने इससे पूर्व भी इस मामले को उठाया था और खुद अस्पताल पहुंचकर एचएमसीएच के सुपरिटेंडेंट से विशेष वार्ता की थी जिसमें उन्हें आश्वस्त किया गया था कि प्रसूति वार्ड, लेबर रूम और ट्रामा सेंटर जैसे संवेदनशील जगह पर रोशनी की विशेष सुविधा के लिए यूपीएस भी लगाया जाएगा। यूपीएस तो लगाया गया लेकिन डॉक्टर के चेंबर पर और यहां इमरजेंसी वार्ड में अब भी बिजली कटौती के कारण समय-समय पर अंधेरा कायम रहता है और मरीजों का ट्रीटमेंट मोबाइल टॉर्च लाइट की रोशनी में ही किया जाता है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में सरकारी बिजली मिस्त्री के अलावे आउट सोर्स के भी बिजली मिस्त्री 24 घंटे सेवा में रहते हैं इसके बावजूद लगातार अंधेरे में डूबे रहने से ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ।

इधर बज्रपात से प्रभावित जरूरतमंद मरीज सागर कुमार यादव का इलाज कराने पहुंचे सदर विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को लेकर गुरुवार की रात्रि को ही सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय को ट्वीट पर इसकी शिकायत करते हुए तत्काल संज्ञान लेते हुए जनहित में व्यवस्था सुधार कराने की मांग की। जिसके बाद विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय ने ट्वीट कर बताया कि मामले को संज्ञान में लिया गया है। जल्द ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।

विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बताया कि जिंदगी बचाने की ललक में इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने वाले मरीजों के साथ अस्पताल प्रबंधन खिलवाड़ कर रहा है। मोबाइल टॉर्च लाइट के जरिए अगर यहां इसी प्रकार इलाज होता रहा तो जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी कैसे बचाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि एक और अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी और चिकित्सक एसी कमरे में बैठते हैं वहीं दूसरी ओर जरूरतमंद मरीजों को समुचित रोशनी भी इलाज के वक्त नहीं मिल पाती है यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके शिकायत पर संज्ञान लेने के लिए रंजन चौधरी ने हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय के प्रति आभार जताया और जनहित के इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। रंजन चौधरी ने यह भी बताया कि इस मामले से सदर विधायक मनीष जायसवाल को अवगत करा दिया गया है। विधायक मनीष जायसवाल ने अस्पताल प्रबंधन को यथाशीघ्र जनहित में व्यवस्था में सुधार करने का अल्टीमेटल देते हुए कहा कि जनता का गुस्सा अगर फूटा तो व्यापक आंदोलन होगा ।

अब देखना है की क्या हजारीबाग उपायुक्त के संज्ञान लेने के बाद स्थिति में सुधार होती है या फिर वहीं ढाक के तीन पात साबित होता है। कुछ भी हो लेकिन झारखंड की वर्तमान गठबंधन सरकार में अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है और हर ओर कुव्यस्था और आराजकता का माहौल व्याप्त हैं ।

 

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