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अस्थाई विद्युत कर्मचारियों के बीच संघ या फिर विद्युत निगम भ्रम फैला रहा, स्पस्ट करे निगम : अजय राय

रांचीआज के विभिन्न समाचार पत्रों में छपी ऊर्जा निगम के सीएमडी अविनाश कुमार के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष श्री अजय राय ने मांग की। उन्होंने कहा कि निगम यह स्पष्ट करे कि अस्थायी कर्मचारियों के बीच कौन भ्रम फैला रहा है संघ या निगम खुद ? उन्होंने निगम के सीएमडी के बयान को एक अधिकारी का बयान कम राजनेता का बयान ज्यादा करार दिया।
ज्ञात हो कि विद्युत निगम के सीएमडी अविनाश कुमार ने अपने कनिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि बिना किसी के दबाव में आये अस्थाई कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने इससे आगे बढ़कर यहां तक कहा कि कुछ लोग अस्थायी कर्मचारियों के बीच भ्रम फैलाकर उन्हें दिग्भ्रमित कर रहे है ऐसे लोगो को हतोत्साहित करना जरूरी है। अजय राय ने कहा कि माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार पिछले 10 वर्षों से कार्यरत अस्थायी कर्मी कौन हैं यह निगम स्पष्ट करें,? 2004 से निगम के अंदर मानव दिवस के रूप में अस्थाई कर्मचारियों से पद के विरुद्ध काम लिया जा रहा है जो कर्मी निगम की ओर से ही ईपीएफ , ईएसआई की सुविधा लेते हुए अपनी पूरी जवानी निगम में कार्य करते हुए बिताया है उस संबंध में निगम के कोई भी पदाधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि ये कर्मचारी किस श्रेणी में आएंगे। संघ की ओर से सीएमडी, एमडी, सामान्य शाखा के वरीय अधिकारियों को ज्ञापन देकर लगातार यह कहा जा रहा है कि निगम इस वस्तुस्थिति को स्पस्ट करे। इस ओर कुछ जवाब देने के बजाय निगम समाचार पत्रों में बयान देकर खुद भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। अजय राय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर विद्युत कर्मचारियों के साथ कुछ भी अन्याय हुई तो संघ बर्दास्त नही करेगा। अजय राय ने बताया कि आगामी 17 अगस्त 2022 को झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के बैनर तले अपनी निम्नलिखित मांग को लेकर प्रदर्शन करेगा। संघ की प्रमुख मांग निम्न है ——-
1. झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं इनकी तीनों अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारी जिनका 10 वर्ष पूर्ण हो चुका है उनको उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सीधी नियुक्ति दी जाए ।
2 . वर्ष 2010 में बोर्ड और संघ के बीच जो समझौता हुआ था उसके अंतर्गत 2792 कर्मचारियों की एक लिस्ट बनी थी और उस वक्त के सचिव श्री अजय कुमार जी को सौंपी गई थी उस लिस्ट के आधार पर ही इन कर्मचारियों की नियुक्ति को नियमित किया जाए। साथ ही निगम की अनुसंगी कंपनियों के एजेंसी में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर तथा चालक की नियुक्ति को भी नियमित किया जाए।
3. नियोजन संख्या 3/2016 की तर्ज पर 2017 से विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों में कार्य कर रहे कर्मियों को कार्य अनुभव पर नंबर एवं उम्र में 5 वर्ष की छूट की प्राथमिकता दी जाए।
4.एजेंसी की प्रथा को समाप्त कर पूर्व की प्रथा को लागू की जाए ।वर्तमान प्रथा से निगम को करोड़ रुपये की नुकसान एजेंसी को कमीशन के रूप में दिए जाने से हो रहा है उस बर्बादी को रोका जाए ।
5. कई कुशल मजदूरों को जो कार्य में दक्ष और निपुण थे उन्हें हटाकर उनके स्थान में एजेंसी ने नए कर्मचारियों की बहाली की है । संघ मांग करती है कि उस बहाली को तत्काल निरस्त किया जाए और पूर्व के जो दक्ष और निपुण कर्मचारी थे उनकी बहाली को ही नियमित की जाए ।
6. झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड में कार्यरत सनसिटी ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड में कई त्रुटियां हैं । मसलन न वहां समय पर वेतन मिल पा रहा है और ना ही ईपीएफ और ईएसआई । वही घटिया किस्म का सुरक्षा किट है जो मानक के अनुरूप भी नही है।
अजय राय ने कहा कि उपरोक्त मांग में कहीं भी कर्मियों को दिग्भ्रमित किए जाने का कहीं से कोई बात दिखती है तो निगम बताएं अन्यथा इस तरह की बयानबाजी से बाज आते हुए इन मुद्दों पर वार्ता करे यह संघ मांग करती है ।

 

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