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कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह और छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की

  • रघुवंश प्रसाद सिंह देश की मंत्री रहते हुए विकास के कई अच्छे कार्य किए: डॉ रामेश्वर
  • गरीब कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए हमेशा खड़ा रहते थे रघुवंश बाबू : आलमगीर
  • भगवान मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें : बन्ना गुप्ता

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह वित्त तथा खाद्य आपूर्ति डॉ. रामेश्वर उरांव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह और एकीकृत बिहार में विधान पार्षद रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

रघुवंश प्रसाद सिंह की भूमिका काफी सराहनीय रही

पार्टी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यूपीए शासनकाल में ग्रामीण विकास मंत्री रहने के दौरान उन्होंने देश के विकास को लेकर काम किया, वह लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मार्गनिर्देशन में हर व्यक्ति को काम का अधिकार देने के लिए राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम, नरेगा लागू किया गया। इसे लागू करने में रघुवंश प्रसाद सिंह की भूमिका काफी सराहनीय रही।

छत्रपति शाही मुंडा ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के हितों की रक्षा के लिए जीवन भर संघर्ष किया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने एकीकृत बिहार में विधान परिषद के सदस्य रहे छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर भी दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक छत्रपति शाही मुंडा ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के हितों की रक्षा के लिए जीवन भर संघर्ष किया। अंतिम समय तक वे कांग्रेस पार्टी और संगठन की मजबूती को लेकर प्रयासरत रहे। उनके निधन से झारखंड कांग्रेस को अपूरणीय क्षति हुई है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब-कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए जीवन पर्यंत समर्पित रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने समाज के हर तबके के विकास के लिए एक लंबी लकीर खींची, जिसे मिटा पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने छत्रपतिशाही मुंडा के निधन की खबर को भी पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बनाया।

भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें

झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि वैशाली की धरती पर जन्म लेने वाले विशाल हृदय के सम्राट पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से वे मर्माहत है। उन्होंने ईश्वर से कामना करता कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और इस दुख की घड़ी में परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दें।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेताओं से एक रघुवंश प्रसाद सिंह की निधन की सूचना से उनका मन मर्माहत है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और परिजनों तथा शुभचिंतकों को दुःख की घड़ी में कष्ट सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मौत से कुछ ही घंटे पहले तक रघुवंश बाबू ने मनरेगा के माध्यम से रोजगार और विकास के विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा, यह दर्शता है कि अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद हर पल समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणों को पहुंचाने के लिए प्रत्यनशील थे।

संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी

आलोक कुमार दूबे ने पूर्व विधान पार्षद छत्रपति शाही मुंडा के निधन पर भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि 1989 से लेकर 1992 तक छत्रपति शाही मुंडा एकीकृत बिहार में विधान परिषद के सदस्य रहे, इस दौरान वे अनुसूचित जनजाति, जाति समिति के सभापति भी रहे। एकीकृत बिहार में कांग्रेस कमेटी में महासचिव पद की जिम्मेवारी निभाने वाले छत्रपति शाही मुंडा ने अलग राज्य गठन के बाद भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव के पद पर रहते हुए संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से यूपीए गठबंधन की राजनीति को गहरा धक्का लगा

इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि 75वर्षीय छत्रपति शाही मुंडा कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और पिछले दिनों हार्ट अटैक के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था,जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली। उनके दो भाई और तीन बहनें थीं।किशोर शाहदेव ने कहा कि महान समाजवादी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन से यूपीए गठबंधन की राजनीति को गहरा धक्का लगा है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डा राजेश गुप्ता ने कहा कि छत्रपति शाही मुंडा आदिवासी समाज के लिए अलग जनगणना में अलग धर्म कोड की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष रहे। उनका कहना था कि देश के विभिन्न हिस्सों में जनजातीय समाज के लोग भले ही अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं का पालन करते है, लेकिन सभी प्रकृति के पूजक है। इनके लिए अलग धर्म कोड जरूरी है। छत्रपति शाही मुंडा ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के पहले अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की शुरुआत झारखंड मुक्ति मोर्चा से की और उन्होंने ही झामुमो का संविधान बनाया था।

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