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कृषि बिल: राज्‍यसभा में बोले अहमद पटेल- हमारा मैनिफेस्‍टो घोड़ा था, मोदी सरकार का बिल गधा है

  • राज्‍यसभा में पेश किए गए हैं तीन कृषि विधेयक, चर्चा जारी
  • हंगामे के बीच अहमद पटेल ने बीजेपी अध्‍यक्ष पर मारा ताना
  • नड्डा ने किया था कांग्रेस के घोषणापत्र में हुए वादों का जिक्र
  • बोले- हमारा मैनिफेस्‍टो घोड़ा है, गधे से तुलना की गई

नई दिल्‍ली : राज्‍यसभा में कृषि विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने अनोखी मिसाल दी। पार्टी तीनों विधेयकों का विरोध कर रही है। जिसके जवाब में बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र सामने रखा था। उसके कई बिंदु इन विधेयकों में मौजूद हैं। आज जब अहमद पटेल बोलने लगे तो उन्‍होने इस तर्क का जवाब दिया। पटेल ने कहा, “हमारा मैनिफेस्‍टो जैसे घोडा़, लेकिन ये गधे के साथ उन्‍होंने कम्‍पेयर करने की कोशिश की है।” इसपर सत्‍तापक्ष की तरफ से आपत्ति जताई गई।

बीजेपी अध्‍यक्ष पर कसा तंज
कांग्रेस सांसद ने नड्डा की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा, “काफी टाइम लगाया। दिन-रात एक किए। ऐसे तो लिखने-पढ़ने में ये लोग थोड़ा सा कम जानते हैं लेकिन पहली बार दिन और रात एक करके मैनिफेस्‍टो से कुछ चीज निकाली। और अपने मैनिफेस्‍टो या बिल के साथ तुलना करने की कोशिश की। हमारा मैनिफेस्‍टो मैं उदाहरण दूंगा जैसे है घोड़ा, लेकिन ये गधे के साथ इन्‍होंने कम्‍पेयर करने की कोशिश की। मैं समझता हूं कि ये अच्‍छी बात है। उन्‍होंने कम से कम हमारे मैनिफेस्‍टो को पढ़ने की कोशिश की है।” सत्‍तापक्ष ने इसे ‘असंसदीय’ बताया तो उपसभापति ने चुप करा दिया।

शायरी के जरिए सरकार पर निशाना
अहमद ने कहा, “यह सरकार सिर्फ दो-तीन चीज जानती है और उसमें माहिर है। पैकेजिंग करना, मार्केटिंग करना और मीडिया को मैनेज करना। पैकेजिंग इस तरह करते हैं कि जैसे इंसानों को जिंदा करने के लिए है, लेकिन उसमें जहर होता है।” उन्‍होंने शायरी के जरिए भी सरकार पर वार किया। पटेल ने कहा, “बंद लिफाफे को यूं सजा के भेजा उसने, कि है जहर पर लगे कि जिंदा कर जाएगा।”

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