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मंत्री प्राइवेट स्कूल में नकल करने के बजाय गए  फीस जमा करने  : दिलीप मिश्रा

  • शिक्षा मंत्री के द्वारा पैरवी पर उठने लगी अंगुलियाँ
  • प्राइवेट स्कूल मंत्री के आदेश की खुल्लमखुल्ला उड़ाई धज्जियांँ – दिलीप मिश्रा

खूँटी । झारखंड राज्य के लिए एक ऐसी स्थिति तब आ गई जब यह कोरोना कालखंड में सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पूर्व में एक घोषणा के द्वारा स्कूलों की फीस को लेकर असंतुष्टता जाहिर की थी। और लॉक डाउन के दरमियान इसे गरीबों पर बोझ कहा था । लेकिन इधर हाल ही के दिनों में अपनी नतिनी की एडमिशन के लिए पैरवी हेतु विद्यालय तक जा पहुंचे। जिससे सुबे के जनता पर अविश्वसनीयता की लहर दौड़ गई। इसी बात को लेकर विपक्षी दलों ने भी अंगुली उठाना शुरू कर दिया है।

इस दौरान झारखंड विकास मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा ने कहा कि‌ बड़ी दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि राज्य के शिक्षा मंत्री इस कोरोना काल में झारखंड के अभिभावकों को आश्वस्त किए थे कि अपने बच्चों ट्यूशन फीस के अलावा भी रीएडमिशन मिसलेनियस बिल्डिंग चार्ज नहीं जमा करना पड़ेगा मंत्री के आदेश की धज्जियाँं उड़ाने से भी बाज नहीं आए ।
उन्होंने इसे दुर्भाग्य बताते हुए कहा कि प्राइवेट स्कूल मंत्री के आदेश का खुलमखुला धज्जियांँ उड़ाई गई इसका जीता जागता उदाहरण स्वयं मंत्री जब अपने परिवार के अपने नतिनी के लिए फीस जमा करने के लिए स्वयं स्कूल जाना पड़ता हो राज्य के शिक्षा मंत्री राजकीय कैबिनेट मंत्री को उन्होंने झारखंड के अभिभावकों को आश्वस्त किए थे कि कोई भी बच्चों का फीस ट्यूशन फीस के अलावा कोई भी स्कूल नहीं लेगा। और फिर अपने नतनी का ही प्राइवेट स्कूल में फीस और बिल्डिंग चार्ज, री-एडमिशन का फीस लिया और स्वयं काउंटर में खड़ा होकर शुल्क जमा किए।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को जवाब चाहिए कि आप झारखंड के अभिभावकों को बेवकूफ बनाने के सिवा और कोई काम आपके पास नहीं है‌। अगर काम रहता तो आप पर प्राइवेट स्कूल पर जरूर नकेल कसते। लेकिन आपने ऐसा नहीं किया आपने प्राइवेट स्कूल के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिए इसे बड़ी विडंबना प्रखंड वासियों के लिए और सरकार के लिए और क्या होगा इस कोरोनावायरस में लोग आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे हैं लोग आर्थिक दृष्टि से परेशान हैं। उसके बावजूद भी प्राइवेट स्कूल में एडमिशन के नाम में बिल्डिंग के नाम में पैसा लिया जा रहा है और राज्य के शिक्षा मंत्री कैबिनेट में आदेश पारित करवाकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

हिम्मतवाली सरकार की हो गई टाँय टाँय फिश- सांसद प्रतिनिधि
इधर केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्री खूंटी सांसद अर्जुन मुंडा के जिला सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार ने कहा कि इससे यह साबित होता है कि यह हिम्मतवाली सरकार जो हेमंत सोरेन जी कहते हैं कि मेरी सरकार में हिम्मत है। प्राइवेट स्कूल का जनता त्राहिमाम कर रही है‌। और मंत्री जी अपनी नातिन का स्कूल से समझौता कर लिये।अब रही बात की आम जनता का क्या होगा?
अपने ही मुँह से एक तरफ जनता की बात करते हैं और दूसरी तरफ गोलमटोल बात करके प्राइवेट स्कूल में पैरवी करते हैं। और जो आप प्राइवेट स्कूलों के लिए अधिसूचना जारी कर दिए हैं। आप की पोल खुल चुकी है जनता अगले चुनाव में जवाब देने के लिए तैयार खड़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार की काबिलियत पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सब कुछ जनता जान चुकी है। अब से आप यह कहना छोड़ दें कि आप की सरकार हिम्मत वाली सरकार है। आपकी कार्यकुशलता को जनता जान चुकी है।

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