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बिहार के डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पांडे जदयू के टिकट पर लड़ेंगें चुनाव

  • स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद राजनीतिक गलियरों में  चर्चा
  • जदयू के टिकट पर बाल्मिकी नगर से चुनाव लड़ेंगे

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को लकर अब रफ्तार तेज पकड़ने लगी है। बिहार के अंदर राजनीतिक दलों में शामिल होने साथ टिकट के लिये लोगों की ओर से प्रयास तेजी से होने लगा है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद राजनीतिक गलियरों में यह चर्चा है कि गुप्तेश्वर पांडे अब जदयू के टिकट पर बाल्मिकी नगर से चुनाव लड़ेंगे या भाजपा के टिकट पर बक्सर से चुनाव लड़ेंगें। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। वे 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे। गृह विभाग ने उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मंजूरी प्रदान कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अब वे राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्‍याशी के रूप में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

फायर सर्विस व होमगार्ड के डीजी संजीव सिंघल को डीजीपी का अतिरिक्‍त प्रभा

हालांकि, उन्‍होंने इस संभावना को खारिज करते हुए कहा है कि निकट भविष्‍य में एनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। इस बीच राज्‍य सरकार ने फायर सर्विस व होमगार्ड के डीजी संजीव सिंघल को डीजीपी का अतिरिक्‍त प्रभार दिया है।  इस बीच राज्‍य सरकार ने फायर सर्विस व होमगार्ड के डीजी संजीव सिंघल को डीजीपी का अतिरिक्‍त प्रभार दिया है। स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उनके चुनाव लड़ने के कयासों को पिछले दिनों बक्सर में जेडीयू जिलाध्यक्ष के साथ उनकी मुलाकात से बल मिला। चर्चा है कि वे बक्सर या आरा जिले की किसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके पूर्व भी वे 2009 में वीआरएस का आवेदन देकर लोकसभा चुनाव लडने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि, उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया है कि वे किसी राजनीतिक दल में नहीं हैं। आगे भी फिलहाल ऐसा कोई इरादा नहीं है। जहां तक समाज सेवा की बात है, वे राजनीति में गए बिना भी ऐसा कर सकते हैं।गुप्तेश्वर पांडेय डीजीपी के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर चुनाव लड़ने वाले बिहार के पहले अधिकारी होंगे। डीजीपी रहते हुए उन्‍हें मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी अधिकारी माना जाता था। गुप्तेश्वर पांडेय 31 जनवरी 2019 को बिहार के डीजीपी बने थे। बतौर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल 28 फरवरी 2021 तक था। हाल के दिनों में अपने कई उल्लेखनीय कार्यों को लेकर वे चर्चा में बने रहे। मुख्य रूप से बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में वे राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चर्चा में आए। सुशांत मामले में मुख्‍य आरोपित रिया चक्रवर्ती द्वारा मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ सवाल उठाने पर गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने रिया की औकात को लेकर सवाल कर विवाद भी खड़ा कर दिया था। बाद में उन्‍हें इसके लिए सफाई भी देनी पड़ी थी। आरोप-प्रत्यारोप के क्रम में शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने उनपर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने तक का आरोप लगाया था। हालांकि, हर बार वे चुनाव लडने की चर्चाओं पर विराम लगाते रहे।गुप्तेश्वर पांडेय विशेष शाखा में आइजी रहे। वे मुजफ्फरपुर और दरभंगा जोन के आइजी तथा एडीजी मुख्यालय, एडीजी बेतार और एडीजी बीएमपी भी रहे। गुप्तेश्वर पांडेय को आम जनमानस के अलावा सरकार की नजर में अपराध नियंत्रक और कड़क प्रशासक की छवि रही है। हाल के दिनों में सुशांत की मौत को लेकर काफी चर्चित हुए है।

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