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केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध वामपंथी दलों का आंदोलन

  • केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में 25 सितंबर को राष्ट्र व्यापी प्रतिरोध दिवस :  भुवनेश्वर मेहता

रांची। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कार्यालय रांची में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों मजदूरों को ठग रही है।कोल इंडिया के द्वारा लिया गया निर्णय की विस्थापितों की नौकरी के जगह पर मुआवजा और किराया जमीन का दिया जाएगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी घोर निंदा करती है ।साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार 3 किसान विरोधी विधेयक को संसद के दोनों सदनों में संसद को शर्मसार कर पास कराया।जबकि विपक्ष वकआउट किया। देश के अट्ठारह राजनीतिक पार्टी एवं 300 से अधिक किसान संगठनों ने करो या मरो के नारे के साथ पूरे देश में इन किसान विरोधी तीनों विधेयक के विरोध में लगातार आंदोलन पर है । लेकिन मोदी सरकार अंग्रेजों से भी जादा क्रूर है।

मोदी जी की सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा शोषण भारतीय किसानों और मजदूरों को कर रही है

सभी लोग जानते हैं कि झारखंड के अंदर अंग्रेजों से भी लड़ कर हमारे पूर्वजों ने संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम ,छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम अपने जल जंगल जमीन की हिफाजत के लिए लड़ कर के लिया था। अंग्रेजों ने बनाया। लेकिन मोदी जी की सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा शोषण भारतीय किसानों और मजदूरों को कर रही है। एक तरफ किसान त्राहि त्राहि कर रहे हैं। लगातार किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसान कर्ज तले दबे हुए हैं। लेकिन केंद्र सरकार किसानों की आमदनी को दोगुना करने का झांसा देकर ,लगातार कहर बरपा रही है ।श्रम कानून में छेड़छाड़ कर श्रम कानून के 44 अधिकारों को काटकर उद्योगपतियों के पक्ष में मात्र चार श्रम कानून को कर दिया गया। यह सरकार लगातार किसान मजदूर विरोधी कार्य कर रही है। केंद्र सरकार बगैर कोई तैयारी के नोटबंदी, जीएसटी, और फिर कोविड के नाम पर तालाबंदी कर देश की अर्थव्यवस्था को रसातल में भेज दिया। देश में बेरोजगारी,भूखमरी, बेकारी,चरम पर है। सरकार को देश को बचाने के लिए कोई योजना नहीं है।

अडानी- अंबानी के फायदे के लिए कंपनी कर कर रही है

कृषि क्षेत्र भी जो बचा हुआ था। वह भी अडानी अंबानी के फायदे के लिए कंपनी कर कर रही है। यह तीनों विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति का हस्ताक्षर होता है। यह कानून के रूप ले लेगा। इसका फायदा उद्योगपतियों को मिलेगा। श्री मेहता ने कहा कि राष्ट्रपति दलित परिवार से आते हैं। गरीबों, किसानों , दलितों, आदिवासियों के दुख को समझते हैं। उनसे उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे जनविरोधी बिल पर हस्ताक्षर नहीं करें। केंद्र सरकार के जनविरोधी नीतियों के विरोध में 25 सितंबर को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी करेगी और आगे भी उग्र आंदोलन चलाएगी। प्रेस वार्ता में सहायक राज्य सचिव महेंद्र पाठक, जिला सचिव अजय कुमार सिंह उपस्थित थे ।

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