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आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के कृषि बिल के विरोध में निकाला मार्च

  • भारत सरकार पूंजीपतियों एवं कारपोरेट घरानों को कर रही सहयोग

रांची। आज आम आदमी पार्टी राँची ज़िला इकाई के कार्यकर्ताओं द्वारा केन्द्र सरकार के असैंवधानिक तरीक़े से लाये गये नये कृषि बिल के विरोध में राँची विश्वविद्यालय से फिरायालाल चौक तक एक रोड मार्च निकाला गया और इस विरोध कार्यक्रम में कहा गया कि केन्द्र की मोदी सरकार इस बिल के माध्यम से किसानों और उनके खेतों को पूँजीपतियों के हाथ में बेचना चाहती है ।

भारत सरकार पूरी दुनियां की नक्शे कदम पर चलते हुए के कुछ पूंजीपतियों एवं कारपोरेट घरानों को उद्योग, व्यापार, खनिज एवं सरकारी उपक्रम बेचने के बाद अब योजनाबद्ध तरीके से खेती और कृषि व्यापार पर भी कब्जा कराना चाहती है। कारपोरेट्स को मालिकाना हक देने के लिये नीति और कानूनों में बदलाव की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।  किसानों की आय दोगुनी करने के लिये किसानों की संख्या आधी करना और धीरे धीरे खेती में केवल 20 प्रतिशत किसान रखकर बाकी किसानों को खेती से बाहर करना केंद्र सरकार और नीति आयोग की घोषित नीति है।

यह 20 प्रतिशत किसान कारपोरेट किसान होंगे, जो कंपनी खेती या करार खेती के माध्यम से खेती करेंगे। और बाक़ी किसान मजबूर होकर इन कारपोरेट्स के लिये मज़दूर बनकर काम करेंगे । यह कारपोरेट कंपनियां अब खेती का मालिक बनकर या करार खेती के माध्यम से खेती करेगी। फसलों का उत्पादन, भांडारण, प्रक्रिया उत्पाद, घरेलू बाजार और विश्व बाजार में खरीद, बिक्री, आयात, निर्यात सभी काम यह बहुराष्ट्रीय कंपनियां करेगी। और भण्डारण की वजह से कालाबाज़ारी भी खुब चलेगी । कारपोरेट खेती या करार खेती द्वारा दुनियां के बाजार के लिये अधिक मुनाफा देने एवं दुनिया के बाजारों में मुनाफे की संभावना देखकर बेचे जायेंगे। यह कंपनियां आयात निर्यात के माध्यम से फसलों के दाम बढाने, घटाने को भी नियंत्रण करेगी।

किसानों के लिये तो आज की व्यवस्था भी लूट की व्यवस्था है। एक सर्वे के अनुसार आज़ादी के बाद से अब तक किसानों के आमदनी में सिर्फ़ 21% का इज़ाफ़ा हुआ वहीं सरकारी कर्मचारियों के आमदनी में 180% का इज़ाफ़ा हुआ है । जिसने किसानों को बदहाल करके रखा है। लेकिन अब इस लूट व्यवस्था को वैश्विक लूट व्यवस्था में बदलने और कानूनी दायरे में लाने के लिये बदलाव किये जा रहे है।

कॉर्पोरेट घरानों एवं पूंजी पतियों का नियंत्रण, मुनाफाखोरी, जमाखोरी एवं एकछत्र अधिकार के उद्देश को पूरा करने के लिये केंद्र सरकार ने करार खेती कानून, जीवनावश्यक वस्तु अधिनियम, कृषि उपज वाणिज्य एवं बाजार अध्यादेश बनाये हैं । राचीं जिला संयोजक श्री अजय मेहता जी की अध्यक्षता विरोध मार्च निकाला गया साथ में नगर संयोजक संदीप भगत प्रदेश कार्यकारिणी सचिव अविनाश नारायण दक्षिण छोटानागपुर प्रभारी आलोक राजन सिह परवेज शहजाद के विश्वा पवन पांडे मनोज तिर्की रिजवान अख्तर प्रमोद कुमार महतो बिरजू कचछप संतोष विश्व कर्मा तमन्ना बेगम अमीत कुमार हितेंद्र कुमार आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

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