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हजारीबाग : झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से शिक्षक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ा

हजारीबाग : हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव प्रखंड के ग्राम सांढ़ निवासी नेशनल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक सह प्राचार्य भूगेन्द्र कुमार की मौत झोलाछाप डॉक्टर (चांदसी) के गलत तरीके से इलाज किए जाने के कारण हो गयी. शिक्षक की मौत के बाद झोलाछाप डॉक्टर भागने लगा. ग्रामीणों ने 5 किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ा.

मृतक के परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले भूगेन्द्र कुमार का अचानक तबीयत खराब हो गया. गांव में डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहने के कारण चांदसी चंचल पोद्दार से इलाज करवाया गया. उक्त चांदसी द्वारा दिये गये दवा को खाने के बाद भूगेन्द्र कुमार की तबीयत और बिगड़ गयी. अधिक तबीयत बिगड़ने पर परिजन इलाज के लिए रांची ले जा रहा थे, इसी दौरान रास्ते में इनकी मौत हो गयी.

भूगेन्द्र के इलाज के लिए परिजनों के साथ चांदसी चंचल पोद्दार भी साथ में रांची जा रहे थे. जब इनकी मौत हो गयी तब इनके शव को गांव लाया गया. उसी समय चांदसी चंचल पोद्दार भागने लगे. ग्रामीणों ने उसे 5 किलोमीटर दूर तलसवार गांव से पकड़ कर लाये.

भूगेन्द्र कुमार की मौत से सारा गांव मर्माहत है. वे अपने पीछे पत्नी भारती देवी, पुत्र 14 वर्षीय दीपांशु नवल एवं पुत्री 16 वर्षीय नीतू नवल को छोड़ गये. भूगेन्द्र कुमार शिक्षा के क्षेत्र में 1999 में नेशनल पब्लिक स्कूल का निर्माण किये थे. शिक्षा के क्षेत्र में बच्चे को सींचने एवं अच्छे मार्गदर्शन देने का काम करते आ रहे थे. कार्य के प्रति निष्ठा, कर्तव्यपरायण, एवं मृदुभाषी भूगेन्द्र की पहचान थी.

शिक्षक के आकस्मिक निधन से समाज में व्याप्त शोक है. इनका अग्नि संस्कार सांढ़ के दुमोहन नदी के श्मशान घाट में किया गया. मुखाग्नि पुत्र दीपांशु नवल ने दिया. शव यात्रा एवं अग्नि संस्कार में समाज के प्रमुख लोगों के अलावा सगे- संबंधी शामिल थे. बताते चलें कि बड़कागांव प्रखंड में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा कई गांव में निजी क्लीनिक खोला गया है, जहां भोले-भाले ग्रामीणों से इलाज के नाम पर ऊंची रकम वसूली जाती है.

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