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राज्य में सरकारी स्कूलों को खोलने की तैयारी, सिलेबस में की जाएगी कटौती

  • इस सत्र के सिलेबस को छोटा किया जाएगा

रांचीः कोरोना संक्रमण के कारण पिछले 6 महीने से स्कूल, कॉलेज और सभी शिक्षण संस्थान बंद है. स्कूलों के बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, लेकिन अब शिक्षा विभाग भी राज्य के सरकारी स्कूलों को खोलने की तैयारी कर रहा है. हालांकि इस सत्र के सिलेबस को छोटा किया जाएगा. वहीं, मैट्रिक और इंटर की परीक्षार्थियों के लिए वर्ष 2021 परीक्षा को लेकर सिलेबस अलग से तैयार किए जा रहे हैं. जैक अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह ने बातचीत के दौरान यह जानकारी दी है.

गांव-गांव जाकर बच्चों को पढ़ाने की जरूरत 

इस सत्र के शेष बचे हुए महीनों में बच्चों के पढ़ाई के लिए सिलेबस छोटा किया जा रहा है. ताकि सही समय पर सत्र समाप्त किया जा सके. भीड़ से बचने के लिए सरकारी स्कूलों में लागू रोटेशन सिस्टम को भी समाप्त किया जाएगा. अब सभी शिक्षकों को हर दिन स्कूल आना है, लेकिन इसके लिए कोविड-19 गाइडलाइन का पूरा ख्याल रखा जाना भी है. शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने यह संकेत दिया है कि रोटेशन सिस्टम को समाप्त कर शिक्षकों को गांव-गांव जाकर बच्चों को पढ़ाने की जरूरत है. तब जाकर कोविड-19 के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच जो दूरी आई है, उसे समाप्त किया जा सकेगा.

मैट्रिक इंटर मीडिएट परीक्षार्थियों के लिए अलग से सिलेबस
वहीं, सीनियर स्टूडेंट्स के लिए शिक्षा विभाग की तैयारी कुछ और ही है. मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा को देखते हुए झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से भी अलग योजना के तहत तैयारी की जा रही है. 35 से 40 फीसदी तक सिलेबस में कटौती की जा रही है. वर्ष 2021 सत्र में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को मॉडल प्रश्न पत्र भी जल्द से जल्द मुहैया कराने को लेकर निर्देश दे दिए गए हैं. मॉडल प्रश्न भी झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से अपने स्तर पर तैयार किए जा रहे है. विद्यार्थियों को जल्द ही परीक्षा से जुड़े मॉडल प्रश्न पत्र सौंपे जाएंगे. वहीं, विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर कई निर्देश जारी किए गए हैं. ताकि वह अपने स्तर पर बेहतर तरीके से इन दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर सकें और उनका परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके.

प्रभावित है पठन पाठन
कोविड-19 के कारण जूनियर बच्चों के साथ-साथ सीनियर बच्चों के पठन-पाठन भी काफी प्रभावित है. मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को, शिक्षकों से परामर्श लेने में भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से इस परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को सहूलियत देने के लिए तमाम तरह की तैयारियां मुकम्मल की जा रही है.

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