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गोला अंचल कार्यालय में सीओ का पद कई महीनों से रिक्त

  • प्रखंड के बीडीओ ही संभाल रहे हैं अतिरिक्त प्रभार
  • भूमि से सम्बंधित कार्यों को लेकर ग्रामीणों को हो रही है परेशानी
  • मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है गोला प्रखंड

रामगढ़। जिला के गोला प्रखंड सह अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी का पद कई महीनों से रिक्त है। उसके अलावे अंचल में कई राजस्व कर्मियों का भी स्थान रिक्त है। अंचल क्षेत्र में कुल 21पंचायत व 91 गांव है जहां की आबादी करीब डेढ़ लाख है इस दृष्टि से यह बड़ा अंचल है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन कई व्यक्ति भूमि से सम्बंधित अपने कार्यों को लेकर अंचल कार्यालय का चक्कर काटते हैं लेकिन सही समय पर उनका काम नहीं हो पाता है । ऐसे में आखिरकार लोग निराश होकर अपने घर लौट जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां कई महीनों से अंचल अधिकारी का पद रिक्त पड़ा हुआ है.

बीडीओ को ही अंचल अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ता है

यहां पर प्रखंड में पद स्थापित बीडीओ को ही अंचल अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ता है, जिससे जमीन से सम्बंधित कार्यों के निष्पादन में कुछ विलंब भी हो जाता है।अंचल में जहां कर्मचारियों की आवश्यकता दस है वहां चार कर्मचारी के भरोसे ही किसी तरह से काम लिया जा रहा है । वहीं लगभग तीन वर्षों तक आउटसोर्सिंग पर चार लोगों को कार्य करने के लिए रखा गया था लेकिन कार्य के पश्चात उनलोगों को निकाल दिया गया। अभी अंचल में सरकारी अमीन की भी कमी है जिससे भू मापी में भी काफी परेशानी होना पड़ता है।

अजय कुमार रजक ने 12 अगस्त 2020 को अपना योगदान दिया जो सीओ का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे है

अंचल कार्यालय में सीओ के पद पर दीपक कुमार दुबे ने 27 फरवरी 2019 को अपना योगदान दिया था और 19 मार्च 2020 तक वह कार्यरत रहे 20 मार्च 2020 को कुलदीप कुमार बीडीओ के पद पर अपना योगदान दिया था और 30 अप्रैल 2020 तक बीडीओ सह सीओ का अतिरिक्त प्रभार संभाले 01 मई 2020 को सीओ के पद पर महेंद्र छोटन उरांव ने अपना योगदान दिया था और 19 जून 2020 तक कार्यरत रहे इनके यहां से तबादला होने के बाद 20 जून 2020 को फिर से कुलदीप कुमार ने कार्यभार संभाला जो 11 अगस्त 2020 तक कार्यरत रहे । फिर इनका तबादला राज्य के दूसरे प्रखंड में होने पर नये बीडीओ के रूप में अजय कुमार रजक ने 12 अगस्त 2020 को अपना योगदान दिया जो सीओ का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे है।

प्रखंड सांख्यकी पदाधिकारी जगनारायण राम के सेवा निवृत्त होने के पश्चात यह पद रिक्त पड़ा हुआ है जबकि पंचायत चुनाव का भी आसार करीब है। वहीं प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी के कार्यालय में ताला लटके रहने की शिकायत लोगों ने की है साथ ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को चार प्रखंड का कार्यभार संभालना पड़ रहा है, जिससे राशनकार्ड से सम्बंधित कार्यों में लोगों की परेशानी बढ़ती है।

सीओ के नहीं रहने से भूमि सम्बंधित कई कार्य अधर में लटक जाता है

इस सम्बंध में स्थानीय विधायक ममता देवी से पूछे जाने पर बताई की सीओ के नहीं रहने से भूमि सम्बंधित कई कार्य अधर में लटक जाता है। लोगों को एक कार्य के लिए कई बार अंचल कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। ऐसे में अकेले बीडीओ को ही सीओ का कार्यभार संभालना पड़ता है जो सही तरीका से संभल नहीं पाता। जमीन के कई ऐसे कार्य हैं जो बाधित पड़ा है।इस सम्बंध में ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए कई मंत्रीगण से हमारी बातचित हुई है। साथ ही इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री के संज्ञान में दे दी गई है।जिसपर उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि बहुत जल्द सीओ की नियुक्ति किया जायेगा ताकि सुचारू रूप से कार्य चले।

सीओ के नहीं होने से सबसे ज्यादा जमीन संबंधित कार्य प्रभावित हुआ है

भाजपा प्रखंड अध्यक्ष विजय ओझा से इस संबंध में पुछे जाने पर कहा कि सीओ के नहीं होने से सबसे ज्यादा जमीन संबंधित कार्य प्रभावित हुआ है। साथ ही अंचल कार्यालय में जनसेवक से प्रखंड कृषि पदाधिकारी का कार्य लिया जा रहा है, एवं कर्माचारियों कि भी कमी है। इन सभी समस्याओं को सांसद महोदय जयंत सिन्हा को अवगत करा दिया गया है। झारखंड सरकार से आग्रह करते हैं कि इन सभी समस्याओं को संज्ञान में लेकर त्वरित सीओ, तथा अन्य पदाधिकारियों कि नियुक्ति करें।

सीओ के नहीं रहने से पूरे अंचल का कार्य ठप है

इस सम्बंध में प्रखंड प्रमुख जलेश्वर महतो को पूछे जाने पर बताया कि सीओ के नहीं रहने से पूरे अंचल का कार्य ठप है। जमीन की खरीद बिक्री,प्रमाण पत्रों को बनाने में परेशानी लोगों को उठाना पड़ रहा है। नये सीओ के आने के सम्बंध में बताया कि जिला से इसकी जानकारी लेते रहता हूँ। सरकार से यही उम्मीद करता हूं कि सीओ का जल्दी से नियुक्ति किया जाय। ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।

पदाधिकारियों के पदस्थापन नहीं होने से कार्य का दबाव बढ़ जाता है

इस संबंध में बीडीओ अजय कुमार रजक से पूछे जाने पर बताया कि कार्य तो हो रहा है। पदाधिकारियों के पदस्थापन नहीं होने से कार्य का दबाव बढ़ जाता है। अगर नियमित रूप से पदाधिकारी और कर्मी रहे तो निश्चित ही कार्य का गती बढ़ेगा और लोगों की परेशानियां कम होंगी।उन्होंने आगे कहा कि जीपीएस का भी पद रिक्त है। जनवरी माह में हमारे कार्यालय से दो और कर्मचारी सेवा निवृत्त हो जायेंगे जिससे परेशानी बढ़ सकती है।

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